देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से बड़ी घटना सामने आई है। खातेगांव में शराब माफिया ने अवैध शराब से भरा ट्रक टीआई दिलीप पुरी पर चढ़ा दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। दिलीप पुरी खातेगांव थाने के प्रभारी थे, जिन्होंने इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब से भरे एक ट्रक को रोकने की कोशिश की थी। लेकिन शराब माफियाओं ने ट्रक रोकने की वजह उसकी रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन यहां 2 घंटे बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को रात में मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि इंदौर-बैतूल हाईवे के रास्ते एक आयशर ट्रक (वाहन क्रमांक MP 43 H 4786) भारी मात्रा में अवैध शराब भरकर ला रहा है। जिसके बाद उन्होंने पूरी टीम के साथ रात में ही मोर्चा संभाला और चेकिंग लगा दी। वह रात में ही वाहनों की तलाश शुरू कर रहे थे। कुछ ही देर में ट्रक आता हुआ दिखाई दिया। दिलीप पुरी ने टीम के साथ आगे बढ़कर उस संदिग्ध ट्रक को रुकवाया, तो ड्राइवर ने खुद को फंसता देख ट्रक रोकने की वजाए तेजी से आगे बढ़ा दिया, जिससे दिलीप पुरी अचानक से गिर गए और ट्रक उनके ऊपर से गुजर गया।
दिलीप पूरी बुरी तरह से घायल हो गए। मौके पर मौजूद दूसरे पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। 2 घंटे तक उनका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें सीपीआर भी दिया गया था, लेकिन ज्यादा चोट लग जाने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही देवास जिले के एसपी भी खातेगांव पहुंच गए।
दिलीप पुरी धार जिले के रहने वाले थे। साल 2007 में वह सब इंस्पेक्टर के तौर पर पुलिस में ज्वाइन हुए थे। इसके बाद इंदौर और बड़वानी जिले में अपनी सेवाएं दी थी। बड़वानी जिले के सेंधवा में भी उन्होंने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की थी। सितंबर में उन्हें देवास जिले के खातेगांव में ट्रांसफर करके भेजा गया था। उनके परिवार में पत्नी कविता और बेटा-बेटी हैं। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी कृषक होने के साथ कांग्रेस नेता हैं।
उधर, आरोपी ड्राइवर ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर दूसरी ओर ले गया और संदलपुर में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को संदलपुर थाने में खड़ा कर दिया है। ड्राइवर की तलाश की जा रही है। देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा कि घटना की जांच के लिए एसआईटी बना दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले में पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा बताया। यादव ने दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफिया बेखौफ हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
बता दें कि इससे पहले हाल ही में देवास जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर चंदाना और पास के बिंजाना गांव में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया था। ग्रामीणों ने दोनों गांवों में 20 दिन के भीतर 13 से ज्यादा लोगों की मौत होने का दावा किया था। कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी। जहरीली शराब से मौतों के मामलों के बीच देवास और सागर के कलेक्टर-SP बदले गए थे। देवास में जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया समेत 3 आबकारी अफसरों को भी निलंबित किया गया था।