दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी द्वारा टिकट की घोषणा करते ही इलाके में भारी बवाल मच गया है। पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से नाराज उनके हजारों समर्थकों ने कल रात नेशनल हाईवे-44 (NH-44) को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।

देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और तड़के सुबह पुलिस पर भारी पथराव किया गया, जिसमें दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल, एडिशनल एसपी और 8 पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल ने मीडिया से कहा कि कल शाम 6 बजे से ही करीब 3,000 से ज्यादा उपद्रवी दतिया शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने जबरन बाजार बंद कराए और नेशनल हाईवे पर 'चक्का जाम' कर दिया।

इसके चलते हाईवे पर करीब 15 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया, जिससे पड़ोसी जिलों की यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। एसपी और कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों से बार-बार जाम हटाने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने। इसी क्रम में सुबह करीब 4 बजे उपद्रवियों ने अचानक पुलिस टीम पर पत्थरों से हमला कर दिया।

मयूर खंडेलवाल ने कहा, 'माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद पथराव और तेज हो गया। इस हमले में मुझे, एडिशनल एसपी और हमारे 6 से अधिक जवानों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतते हुए दोबारा आंसू गैस का इस्तेमाल किया और बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और बाकियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई है।'

मामले पर भाजपा के जिला मंत्री भानु सिंह ने कहा, ' हम लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से ये मांग कर रहे थे के दतिया का जो टिकट हुआ है वो उन्हें वापस लिया जाए और नरोत्तम मिश्रा जी को टिकट दिया जाए। हम संवैधानिक रूप से अपनी मांग रख रहे थे। हम लोगों ने पूरी रात रामधुन गाकर भारतीय जनता पार्टी से मांग की है कि टिकट नरोत्तम को दिया जाए लेकिन पुलिस प्रशासन, पुलिस अधीक्षक दतिया कलेक्टर की बर्बरता देखिए कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को भाजपा दफ्तर में कैद कर दिया। जब तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी को टिकट नहीं मिलेगा हम लोग चक्का जाम करेंगे।'

बता दें कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के विरोध में भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत कई पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। नगर मंत्री और भाजपा कोषाध्यक्ष ने भी पद छोड़ दिया। समर्थकों का दावा है कि भाजपा के कई पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफे दिए हैं। दरअसल, उपचुनाव की घोषणा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार चुनावी तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीद लिया था और जनसभाएं कर रहे थे। हालांकि, अंतिम समय में पार्टी ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित कर दिया।