भोपाल। मध्यप्रदेश की निवासी और विश्व चैंपियन भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति गौड़ के पिता आरक्षक मुन्ना सिंह को लगभग 13 साल बाद मध्यप्रदेश पुलिस में पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह बहाली नो वर्क नो पे के सिद्धांत पर की गई है यानी इस अवधि का वेतन उन्हें नहीं मिलेगा।

पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक, मुन्ना सिंह को 8 जून 2012 से 5 जनवरी 2026 तक की अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा। यह अवधि लगभग 13 वर्षों की है। हालांकि, इतने लंबे अंतराल के बाद सेवा में वापसी को उनके परिवार के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

यह भी पढ़ें:घने कोहरे और ठंड की चपेट में MP, दो दिन बाद राजधानी भोपाल में खिली धूप

गौरतलब है कि मुन्ना सिंह को 29 फरवरी 2012 को मध्यप्रदेश पुलिस की सेवा से पृथक कर दिया गया था। उन पर 2011 में चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही के आरोप लगे थे। जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की गई थी और उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।

इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्रांति गौड़ से उनके पिता की नौकरी बहाल करने का वादा किया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने नियमों और प्रक्रियाओं के तहत पूरे प्रकरण की समीक्षा की और आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए बहाली के आदेश जारी किए।

यह भी पढ़ें:लल्लनटॉप से सौरभ द्विवेदी का इस्तीफा, कुलदीप मिश्रा संभालेंगे संपादकीय जिम्मेदारी