नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह अशोक मित्तल को नया उपनेता नियुक्त किया गया है। पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर बदलाव की जानकारी दी है। साथ ही पार्टी ने यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।

हालांकि, पार्टी ने इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय लंबे समय से पार्टी लाइन से दूरी, अनुशासनहीनता और समन्वय की कमी जैसे मुद्दों के चलते लिया गया हो सकता है। बताया जा रहा है कि राघव कई बार बिना पार्टी से चर्चा किए संसद में मुद्दे उठाते थे और किस विषय पर बोलेंगे इसकी जानकारी भी पहले साझा नहीं करते थे। इसके अलावा यह भी आरोप रहे कि वे पार्टी के तय एजेंडे के बजाय व्यक्तिगत शैली में अधिक सक्रिय दिखते थे।

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पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा की चुप्पी भी चर्चा में रही है। विशेष रूप से दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को राहत मिलने के बाद भी उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी थी। इसे भी पार्टी के भीतर असंतोष का एक कारण माना जा रहा है। हालांकि, राघव ने अब तक इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राघव चड्ढा अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। वे बीते समय में संसद में आम लोगों से जुड़े कई मुद्दों को उठाने के कारण चर्चा में रहे थे। उन्होंने गिग वर्कर्स के कम वेतन, 10 मिनट डिलीवरी मॉडल और सामाजिक सुरक्षा की कमी पर सवाल उठाए थे। साथ ही उन्होंने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कॉपीराइट कानून में संशोधन की मांग भी की थी। उन्होंने वन नेशन, वन हेल्थ ट्रीटमेंट की अवधारणा पर भी जोर दिया और निजी अस्पतालों की स्थिति पर चिंता जताई थी।

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इसके अलावा बजट सत्र 2026 में उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट, एयरपोर्ट पर सस्ते भोजन की उपलब्धता, मोबाइल रिचार्ज को 28 दिन की बजाय पूरे महीने के लिए करने, बैंक पेनल्टी खत्म करने और विवाहित जोड़ों के लिए संयुक्त आयकर फाइलिंग जैसे मुद्दे उठाए थे। उन्होंने पैरेंटल लीव को कानूनी अधिकार बनाने की मांग भी रखी थी। सामाजिक मुद्दों में उन्होंने मेंस्ट्रुअल हाइजीन और पंचायतों में सरपंच पति की भूमिका जैसे विषयों पर भी सरकार का ध्यान खींचा था। गिग वर्कर्स की समस्याओं को समझने के लिए वे एक दिन खुद डिलीवरी वर्कर बनकर भी उनके साथ काम कर चुके हैं।

वहीं, नए उपनेता बनाए गए अशोक मित्तल भी अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। वे जालंधर के रहने वाले हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर हैं। राजनीति में आने से पहले वे एक सफल व्यवसायी रहे हैं। उनका परिवार लवली ग्रुप के तहत ऑटोमोबाइल और लवली स्वीट्स जैसे कारोबार से भी जुड़ा है। वे रक्षा और वित्त जैसी संसदीय समितियों के सदस्य रह चुके हैं और हाल ही में भारत अमेरिका संसदीय मैत्री समूह में भी शामिल किए गए थे।

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