नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखी, इस दौरान सत्ता पक्ष के लोगों ने जमकर हंगामा किया। राहुल गांधी ने परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "इस देश के तथाकथित गृह मंत्री अमित शाह में इतना साहस नहीं है कि वह यहां आकर संसद में बैठें। राहुल गांधी ने कहा वो यहां इसलिए नहीं है क्योंकि वो डरे हए हैं।

राहुल गांधी ने परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान परीक्षा प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था और केंद्रीय गृह मंत्री की अनुपस्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा का पूरा तंत्र पेपर तैयार करने से लेकर उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन तक सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह "एग्जाम सिस्टम नहीं, बल्कि एक्सटॉर्शन सिस्टम" बन गया है, जिसमें ईमानदार छात्र पीछे छूट रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 30 से 40 लाख रुपये में पेपर लीक हो रहे हैं।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में निजी कंपनियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज निजी संस्थाएं परीक्षाएं संचालित कर रही हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है और शिक्षा मंत्रालय का संचालन मंत्री नहीं, बल्कि आरएसएस कर रहा था।

राहुल गांधी ने इस दौरान जंतर मंतर पर छात्रों के साथ हुई बर्बरता को लेकर कहा कि भारत के छात्र को अमित शाह ने गोली मारने का आदेश दिया, इसके बाद सदन में भारी हंगामा हो गया। हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय फोर्स गृह मंत्री और पीएम के अधिकृत हैं। राहु गांधी के इस बयान के बाद एक बार फिर सदन में हंगामा हो गया जिसके बाद सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि एक सुंदर फ्रेमवर्क मुझे एक 18 साल की लड़की ने समझाया। लगता है कि हमारे जो छात्र-छात्राएं हैं वो एग्जाम के बारे में बात कर रहे हैं। वो शिक्षा प्रणाली के बारे में बात कर रहे हैं, वह शिक्षा की कॉस्ट के बारे में बात कर रहे हैं। यह काफी महंगा है। शिक्षा में काफी पैसा सिर्फ एक परीक्षा में खर्च होता है। उतना, जितना लगभग हमारा शिक्षा बजट में खर्च होता है।

राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि मैंने उस छात्र को बताया समाज में तीन तरह की श्रेणियां हैं आप इन्हें कहा कहां देखती हैं, पहली छात्रों की, दूसरी "इडियट" (बेवकूफ) और तीसरी "अंधभक्तों" की। राहुल गांधी ने कहा, 'मैंने सोचा कि ये बच्चे हैं और ये बेवकूफ भी हैं। फिर मैंने एक बच्ची से पूछा कि तीसरी कैटेगरी कहां जाती है, अंधभक्तों को कहां रखा जाए? जवाब मिला कि अंधभक्त वे लोग हैं, जो बेवकूफों को फॉलो करते हैं।'