नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि, कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इमारत में हॉस्टल संचालित हो रहा था और हादसे के समय कई छात्र अंदर मौजूद थे। अब तक पांच लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला जा चुका है। जबकि, मलबे में और कितने लोग फंसे हैं इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में पिछले तीन दिनों से खुदाई और निर्माण से जुड़ा काम चल रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के वक्त हॉस्टल में रहने वाले ज्यादातर छात्र अपने कमरों में सो रहे थे। अचानक पूरी इमारत के गिरने से आसपास अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य शुरू कर दिया। कुछ लोग हथौड़ों और दूसरे उपलब्ध साधनों से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते रहे। हादसे में आसपास खड़ी कुछ गाड़ियां भी मलबे में दब गई।
मौके पर मौजूद एक युवक ने बताया कि उसका एक दोस्त मलबे के नीचे फंसा हुआ है। उसके मुताबिक, दोस्त फोन पर बार-बार मदद की गुहार लगा रहा था और उसे बचाने के लिए कह रहा था। इस जानकारी के बाद बचाव अभियान में मलबे के भीतर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हादसे के बाद मलबे के पास स्थित एक दूसरी इमारत को लेकर भी खतरा सामने आया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह इमारत भी गिरने की स्थिति में बताई गई। जिसके चलते वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकाल लिया गया।
गिरी हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। इसमें छात्रों के रहने के लिए हॉस्टल चलता था। बेसमेंट में तीन दिन से चल रहे काम और इमारत के अचानक ढहने के बीच संबंध की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित प्रमुख छात्र इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी PG और हॉस्टल में रहते हैं। आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थान हैं। इसी कारण इलाके में पूरे दिन छात्रों की आवाजाही बनी रहती है।