सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीले शराब के सेवन से 33 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई दर्जन लोग प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सागर पहुंचे और शराब त्रासदी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने शाहगढ़ के खटोरा खुर्द में शराब से मृत भोपाली आदिवासी की पत्नी माया से मुलाकात की। इसके बाद ग्राम पापेट पहुंचकर उन्होंने अन्य मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की। सिंह ने इस दौरान जहरीले शराब से जान गंवाने वालों के परिजनों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि न्याय की लड़ाई में वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। सिंह ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच सिर्फ शराब बेचने वाले या छोटे आरोपियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाना चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने सागर के मौजूदा पुलिस अधीक्षक (एसपी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जब यही एसपी मुरैना में तैनात थे, तब भी जहरीली और अवैध शराब से मौतें हुई थीं। अब सागर में भी ऐसी ही घटना हुई है। उन्होंने कहा कि जांच से यह पता चलना चाहिए कि अवैध शराब का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा था और इसमें कौन लोग शामिल हैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि प्रशासन को सिर्फ कार्रवाई का दावा नहीं करना चाहिए, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचना चाहिए। शराब की सप्लाई से लेकर इसे संरक्षण देने वालों तक की भूमिका की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार स्थानीय नेताओं, पुलिस और प्रशासन के संरक्षण में चल रहा है। 

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बता दें कि सागर जिले के बंडा तहसील में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में राज्य शासन ने एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में जांच आयोग इस पूरे मामले की पड़ताल करके शासन को रिपोर्ट सौंपेगा। आयोग तीन माह में अपनी जांच रिपोर्ट देगा। जांच के लिए तीन बिन्दु तय किए गए हैं और आयोग का मुख्यालय सागर रखा गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि एक सदस्यीय जांच आयोग तीन बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देगा। पहला जांच बिन्दु यह होगा कि जहरीली सरकार शराब के सेवन से हुई मृत्यु और अस्वस्थता की घटना का कारण क्या है? उसका स्वरूप और संबंधित परिस्थितियों का परीक्षण तथा तथ्यात्मक निर्धारण कर उसकी जानकारी आयोग देगा।