सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के लसूड़िया खास गांव में गुरुवार रात काहिरी बांध के पास स्थित पानी फिल्टर प्लांट में दोबारा क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। टैंक में लीकेज के बाद गैस आसपास के क्षेत्र में फैलने लगी। इसके संपर्क में आने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आंखों में तेज जलन, सांस लेने में परेशानी, घुटन और उल्टी-दस्त जैसी दिक्कतें होने लगी। प्रभावित लोगों को उपचार के लिए सीहोर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां करीब 10 मरीज पहुंचे थे। इनमें से एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों का तत्काल उपचार शुरू किया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरिओम गुप्ता के अनुसार, लसूड़िया खास से कई प्रभावित लोग अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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दूसरी ओर प्लांट के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गैस के प्रभाव से फिल्टर प्लांट के आसपास पेड़ और पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है और इसका असर मौके पर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लीकेज को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने पानी शुद्धिकरण संयंत्र में सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ही संयंत्र में कुछ ही दिनों के भीतर दोबारा गैस रिसाव होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि समय रहते रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया गया तो आसपास के आबादी वाले क्षेत्र में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

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लसूड़िया खास स्थित इसी फिल्टर प्लांट में दो दिन पहले भी क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना सामने आई थी। उस समय तालाब के पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया के दौरान क्लोरीन गैस के टैंक में लीकेज हो गया था। गैस फैलने के बाद आसपास के ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। उस घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया था। प्रभावित लोगों ने सांस लेने में परेशानी के साथ उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें बताई थी। राहत और बचाव की कार्रवाई के बाद अस्पताल में भर्ती लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई गई थी।

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