नई दिल्ली। BRICS Summit 2026 की मेजबानी भारत कर रहा है। यह सम्मेलन नई दिल्ली में 11 और 12 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। दिल्ली में आज से वैश्विक नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। 26 देशों के नेता दिल्ली पहुंच रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन दिल्ली लैंड कर चुके हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी जल्द ही दिल्ली पहुंचने वाले हैं।
राष्ट्रपति पुतिन का प्लेन रात करीब 3 बजे दिल्ली उतरा। विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उनका काफिला होटल आईटीसी मौर्या रवाना हो गया। आज दोपहर 3:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक होगी। बातचीत में रूस की तरफ से भारत में Su-57 फाइटर जेट के प्रोडक्शन और जरूरी तकनीक साझा करने की पेशकश पर चर्चा हो सकती है।
इससे पहले 2016 की गोवा BRICS समिट में भारत और रूस के बीच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डील पर सहमति बनी थी। इस बार भी पुतिन के दौरे में रक्षा सहयोग अहम मुद्दा रहने की उम्मीद है। पुतिन के अलावा पीएम मोदी आज ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से भी मिलेंगे। दोनों के बीच शाम 6:15 बजे द्विपक्षीय बैठक होगी।
ब्रिक्स समिट में शामिल हो रहे दुनिया के 2 बड़े नेताओं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के काफिले सबसे बड़े होंगे। गुरुवार को नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर 3 रूसी ट्रांसपोर्ट विमान के जरिए पुतिन का काफिला और ऑरस सीनेट बख्तरबंद लिमोजिन भी भारत पहुंची है।
पुतिन के साथ भारत आने वाला ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ IL-96-300PU विमान चलता-फिरता राष्ट्रपति कमांड सेंटर है। दिल्ली में पुतिन की अंदरूनी सुरक्षा एफएसओ संभालेगी, जबकि भारतीय एजेंसियां बाहरी घेरा रखेंगी।उन्हें दिए जाने वाले खाने की अलग जांच होगी। रूस अपने रसोइयों का इस्तेमाल करेगा। इससे पहले, रूस की दूसरी Il-96 स्पेशल फ्लाइट राजनयिकों के साथ दिल्ली पहुंची। डिप्टी PM डेनिस मंटुरोव भी भारत पहुंच चुके हैं।