नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दाखिल एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। साथ ही केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि प्रतिदिन उनकी स्वास्थ्य जांच कराई जाए।

जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि हर नागरिक की जान कीमती है। उसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को उनकी रोजाना मेडिकल जांच कराने और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज कराने के निर्देश दिए हैं।

याचिका में जबरन खाना देने के निर्देश देने की मांग भी की गई थी। वकील राकेश कुमार सैनी ने कोर्ट से मांग की थी कि केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि वांगचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया जाए और उनका ज़रूरी इलाज कराया जाए। अगर ज़रूरत पड़े, तो उन्हें जबरन खाना भी दिया जाए।

गौरतलब है कि वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की थी। सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सीनियर जनरल फ़िज़िशियन डॉ सतीश लांबा ने 19वें दिन का हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। डॉक्टर ने बताया कि अनशन के 19वें दिन तक सोनम वांगचुक का वज़न 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है। हालांकि, उनके शरीर में पानी की मात्रा फ़िलहाल सामान्य बनी हुई है।