मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना के नाम पर महिलाओं को निशाना बनाकर साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए ठग महिलाओं को उनके साल 2023 में भरे गए आवेदन पत्र भेज रहे हैं और योजना में नाम जोड़ने या किस्त शुरू कराने के बहाने 1350 रुपये जमा कराने की मांग कर रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है कि महिलाओं के पुराने आवेदन पत्र और निजी जानकारी ठगों तक कैसे पहुंची।

ठग महिलाओं को यह विश्वास दिला रहे हैं कि लाड़ली बहना योजना के तहत उन्हें दोबारा पंजीयन कराना होगा और इसके बाद योजना की मासिक किस्त 3000 रुपये तक कर दी जाएगी। इसके साथ ही यह भ्रामक प्रचार भी किया जा रहा है कि योजना के तीसरे चरण के अंतर्गत 31 अगस्त 2026 तक जिला, तहसील और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष पंजीयन शिविर लगाए जाएंगे। इसी झांसे में आकर कई महिलाओं ने भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन कर रुपये भी ट्रांसफर कर दिए हैं।

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ग्वालियर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भेजे जा रहे इन आवेदन पत्रों में उनका फोटो, नाम और मोबाइल नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी पहले से दर्ज है। यही वजह है कि कई महिलाएं इसे असली दस्तावेज समझकर ठगों के झांसे में आ रही हैं। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि साल 2023 में जमा हुए आवेदन पत्रों का डेटा किन माध्यमों से साइबर अपराधियों तक पहुंचा।

भिंड जिले के अमायन क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि उसे व्हाट्सएप पर उसका पुराना आवेदन पत्र भेजा गया। जिस मोबाइल नंबर से संदेश आया उसकी प्रोफाइल फोटो में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक दिखाई दे रहा था। आरोपी ने दावा किया कि 1350 रुपये जमा करते ही उसका नाम योजना में जोड़ दिया जाएगा और किस्त मिलना शुरू हो जाएगी। हालांकि, महिला ने परिजनों से जानकारी लेने के बाद भुगतान नहीं किया। जिससे वह ठगी का शिकार होने से बच गई।

ग्वालियर में इस तरह के कई मामले सामने आने की जानकारी मिली है। कुछ महिलाओं ने क्यूआर कोड के माध्यम से रकम भी भेज दी है लेकिन अधिकांश पीड़ित महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से बच रही हैं। प्रशासन को आशंका है कि इस तरह का फर्जीवाड़ा प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकता है।

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गौरतलब है कि अकेले ग्वालियर जिले में लाड़ली बहना योजना से 3.10 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि योजना से जुड़ी किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करें और किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड या भुगतान संबंधी लिंक पर राशि ट्रांसफर न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ठगी के प्रयास की सूचना तुरंत संबंधित प्रशासनिक या पुलिस अधिकारियों को दें।