पुणे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के 81 साल की उम्र में निधन हो गया। कलमाड़ी के कार्यालय से जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन कलमाड़ी का पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में इलाज चल रहा था। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली।
कलमाड़ी का पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने स्थित उनके आवास, कलमाड़ी हाउस में रखा जाएगा। अंतिम संस्कार दोपहर 3:30 बजे पुणे के नवी पेठ स्थित बैकुंठ श्मशान भूमि में किया जाएगा। कलमाड़ी के निधन से सियासी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
1 मई 1944 को जन्मे सुरेश कलमाड़ी ने राजनीति में आने से पहले 6 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा की। वायु सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। वे पुणे से लंबे समय तक सांसद रहे और पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
कलमाडी को 1977 में इंडियन यूथ कांग्रेस और पुणे के प्रेसिडेंट बनाया गया। अगले ही साल यूथ कांग्रेस महाराष्ट्र के प्रेसिडेंट बन गए। यह पद उन्होंने 1978 से 1980 तक संभाला। 1980 में, महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के तौर पर कलमाडी ने मॉस्को ओलंपिक्स में देश को रिप्रेजेंट करने के लिए मैराथन टीम के सिलेक्शन ट्रायल्स में हिस्सा लिया था। इसकी वजह से ही पुणे में इंटरनेशनल मैराथन की शुरुआत हुई थी।
कलमाड़ी ने 1996 से लेकर 2012 तक भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष के रूप में काम किया था। उन्होंने 2000 से 2013 तक एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और 2015 में उन्हें इसका आजीवन अध्यक्ष नामित किया गया था। पुणे शहर के विकास में उनका अहम योगदान था। वे पुणे के हवाई अड्डे के विकास, मेट्रो परियोजना और अन्य बुनियादी ढांचागत कार्यों कारेयों के लिए जाने जाते हैं। अपनी राजनीतिक पकड़, प्रशासनिक प्रभाव और विकास कार्यों की जिम्मेदारी के कारण उन्हें पुणे का ‘प्रबंधक’ कहा जाने लगा था।