पटना। बिहार के सियासत में बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना पद छोड़ने का ऐलान किया है। वे राज्यसभा के सदस्य बनेंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर इसकी जानकारी दी है। इसके साथ ही नीतीश का पिछले 21 साल से बिहार के सीएम पद से हटने का रास्ता भी साफ हो गया है।

नीतीश कुमार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।

सीएम नीतीश ने आगे लिखा है कि संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।

बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ आज अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। अमित शाह आज पटना पहुंचेंगे। इधर सीएम नीतीश के राज्यसभा के लिए नामांकन की खबरों की बीच जदयू कार्यकर्ता सीएम हाउस पहुंचने लगे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि, नीतीश कुमार बिहार के हैं। उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। कार्यकर्ताओं ने CM हाउस जा रहे बीजेपी कोटे के मंत्री सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भगा दिया।