स्विस कंपनी 'आइक्यूएयर (IQAir)' की जारी आठवीं 'विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025' ने वैश्विक स्तर पर वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान लगातार दूसरे वर्ष दुनिया का सबसे प्रदूषित देश बना हुआ है। इसके बाद बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य का नंबर है।
भारत इस सूची में छठे स्थान पर है, जबकि चीन 20वें, ब्रिटेन 110वें और अमेरिका 120वें स्थान पर है। चिंताजनक तथ्य यह है कि उत्तर प्रदेश का लोनी शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शीर्ष पर है, जबकि दिल्ली चौथे स्थान पर है। रिपोर्ट में दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया है।
भारत के लिए यह रिपोर्ट डराने वाली है क्योंकि दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से पांच अकेले भारत के हैं। इनमें लोनी, बर्नीहाट (मेघालय), दिल्ली, गाजियाबाद और उला (बंगाल) शामिल हैं। उत्तर प्रदेश का लोनी शहर पीएम 2.5 के वार्षिक औसत सांद्रता 112.5 स्तर के साथ दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से 22 गुना अधिक है और 2024 की तुलना में इसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 'दुनिया के 25 सबसे प्रदूषित शहर भारत, पाकिस्तान और चीन में स्थित हैं। दुनिया के चार सबसे प्रदूषित शहरों में से तीन भारत में मौजूद हैं।' रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुनियाभर के 143 देशों के 9,446 शहरों के डाटा विश्लेषण से पता चलता है कि केवल 14 प्रतिशत शहर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा कर पाए हैं।