आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। दुनिया के प्रमुख स्टील उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल उनके बेटे आदित्य मित्तल ने टीम में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे में अदार पूनावाला भी साझेदार बने हुए हैं। डील की कुल एंटरप्राइज वैल्यू लगभग 1.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 15,660 करोड़ रुपए) आंकी गई है। यह आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी डील है।
इस समझौते के तहत मित्तल परिवार के पास टीम की लगभग 75% हिस्सेदारी होगी। जबकि, अदार पूनावाला के पास करीब 18% हिस्सेदारी होगी। शेष 7% हिस्सेदारी मौजूदा निवेशक मनोज बदाले और अन्य पार्टनर्स के पास रहेगी।
इससे पहले 28 मार्च को न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अमेरिकी-भारतीय कारोबारी काल सोमानी के नेतृत्व वाले कॉन्सोर्टियम ने 1.63 बिलियन डॉलर की बोली लगाई थी लेकिन वह सौदा आगे नहीं बढ़ पाया और कॉन्सोर्टियम पीछे हट गया।
नई डील में सिर्फ आईपीएल टीम ही शामिल नहीं है। बल्कि राजस्थान रॉयल्स के ग्लोबल क्रिकेट ऑपरेशंस भी इसका हिस्सा हैं। इसमें दक्षिण अफ्रीका की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन लीग की बारबाडोस रॉयल्स जैसी टीमें भी शामिल हैं। इस तरह अब फ्रेंचाइजी एक वैश्विक क्रिकेट ब्रांड के रूप में और मजबूत होगी।
फिलहाल यह समझौता विभिन्न नियामक मंजूरियों पर निर्भर है। बीसीसीआई, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और अन्य संबंधित संस्थाओं की स्वीकृति मिलने के बाद ही डील पूरी होगी। उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यह डील सितंबर 2026 तक पूरी हो सकती है।
नए मालिकाना ढांचे में लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले बोर्ड में शामिल होंगे। बडाले का अनुभव पुराने और नए प्रबंधन के बीच संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
लक्ष्मी मित्तल ने इस मौके पर कहा कि क्रिकेट से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है और राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने टीम की विरासत को आगे बढ़ाने और फैंस के साथ मजबूत रिश्ता बनाने की बात भी कही।
राजस्थान रॉयल्स का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। टीम ने आईपीएल 2008 में शेन वॉर्न की कप्तानी में पहला खिताब जीता था। इसके बाद टीम 2022 में एक बार फिर फाइनल में पहुंची थी। लेकिन गुजरात टाइटंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
हालांकि, टीम को 2015 में सामने आए स्पॉट फिक्सिंग विवाद के चलते झटका भी लगा था। जांच के बाद सह मालिक राज कुंद्रा को दोषी पाया गया था। जिसके कारण राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स को 2016 और 2017 सीजन से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद टीम ने 2018 में फिर से आईपीएल में वापसी की थी।