नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि वोट चोरी संविधान पर सीधा हमला है और इसे अंजाम देने वाले BJP, RSS और चुनाव आयोग ने देशद्रोह किया है, लेकिन न्याय जरूर होगा। राहुल गांधी की ये प्रतिक्रिया उस खबर के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयोग में SIR से जुड़े मुद्दों पर तीन में से दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बार-बार सवाल उठाए थे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'वोट चोरी भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। बीजेपी, आरएसएस और निर्वाचन आयोग, जिन्होंने इसे किया है, उन्होंने देशद्रोह का कृत्य किया है। न्याय किया जाएगा।' कांग्रेस नेता ने एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि इस कृत्य को अंजाम देने वाले निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी चुनाव आयोग में मतभेद की खबरों के बीच आई है। अंग्रेजी दैनिक 'इंडियन एक्सप्रेस' में प्रकाशित खबर में दावा किया गया है कि निर्वाचन आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और प्रक्रियागत बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। उन्होंने आयोग के कुछ कदमों को “अनधिकृत” और “अवैध” भी बताया था।

रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमलावर है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और खतरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इसपर स्वत: संज्ञान ले।