नई दिल्ली। देश की राजनीति और आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट सत्र 2026 संसद में शुरू हो चुका है। यह सत्र कई अहम विधेयकों, आर्थिक बहसों और सरकार‑विपक्ष की तीखी भिड़ंत का केंद्र रहने वाला है। सत्र के ठीक बीच में आने वाला 1 फरवरी का केंद्रीय बजट, साथ ही आज पेश होने वाला आर्थिक सर्वेक्षण 2026–27, इस सत्र को और भी निर्णायक बनाते हैं। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म हमारी सरकार की पहचान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र की शुरुआत पर कहा कि वर्ष 2026 के प्रारंभ में ही राष्ट्रपति ने संसद के सदस्यों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने उन अपेक्षाओं को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना से आगामी कार्यवाही में योगदान देंगे।
पीएम मोदी ने कहा, 'आज समय व्यवधान का नहीं है. आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है। आज प्राथमिकता समाधान का है, आज हिम्मत के साथ समाधान और निर्णयों का कालखंड है, मैं सभी सांसदों से आग्रह करूंगा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने को गति दें। राष्ट्र के लिए आवश्यवक समाधानों के दौर को हम गति दें। निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलिवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें।'
पीएम मोदी ने कहा, 'देश का ध्यान बजट की तरफ होना स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की ये पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म। हम तो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। मैं संसद के सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि वो रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम से निकलकर लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर कदम रख रहा है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत आज आकर्षण का केंद्र बना है. इस क्वार्टर के शुरुआत में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का समझौता आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है, उसकी एक झलक है। ये फ्री ट्रेड फॉर ऐम्बसियस भारत है, ये फ्री ट्रेड आत्मनिर्भर भारत है। भारत के मैनुफैक्चरर अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करेंगे। मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपीय यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील समझौता हुआ है तब मेरे देश के उद्योग वाले अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया अब बहुत सस्ते में हमारा पहुंच जाएगा। इतने भाव से वो बैठे न रहें। ये एक अवसर है, इसका सबसे पहला मंत्र होता है हम क्वॉलिटी पर बल दें। जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वॉलिटी लेकर बाजार में जाए, उत्तम क्वॉलिटी लेकर जाते हैं तो यूरोपीय यूनियन के 27 देशों से पैसे ही नहीं कमाएँगे बल्कि क्वॉलिटी से उनका दिल जीत लेंगे, इसका प्रभाव दशकों तक रहता है।'