नई दिल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 70 सशस्त्र बलों और पुलिस कर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड प्रदान किया है। इनमें एक अशोक चक्र, तीन कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र, 1 बार टू सेना मेडल (वीरता) और 44 सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं। इनमें से छह पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे। इस साल की सूची में अंतरिक्ष, सेना, विशेष बलों और पुलिस सेवा से जुड़े असाधारण साहस के उदाहरण सामने आए हैं।

देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को सम्मानित किया गया है। शुभांशु शुक्ला जून 2025 में एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचने वाले पहले भारतीय बने थे। वह अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं और 41 सालों बाद किसी भारतीय की अंतरिक्ष उड़ान थी। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के सोयुज यान से अंतरिक्ष यात्रा की थी। शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के अनुभवी फाइटर पायलट हैं और उनके पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने एसयू-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे कई लड़ाकू और परिवहन विमानों को उड़ाया है।

इस साल तीन कीर्ति चक्र देने की भी घोषणा हुई है। पहले असम राइफल्स के मेजर अर्शदीप सिंह को 14 मई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा पर एक विशेष गश्ती दल का नेतृत्व करते हुए दिखाए गए असाधारण साहस के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। उस दिन ऊंची पहाड़ी से अचानक हुई गोलीबारी के बाद मेजर अर्शदीप सिंह ने घनी झाड़ियों के बीच से दुश्मन की चौकी पर हमला किया और भारी फायरिंग के बावजूद आरपीजी लॉन्चर से लैस आतंकवादियों समेत कई सशस्त्र उग्रवादियों को मार गिराया था। उनके नेतृत्व में मिशन के दौरान भारतीय दल को कोई हताहत नहीं हुई थी।

पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की दूसरी बटालियन के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा को 11 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के जंगलों में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान में अद्वितीय शौर्य के लिए कीर्ति चक्र दिया जाएगा। भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने जान की परवाह किए बिना आतंकवादियों के बेहद करीब पहुंचकर एक विदेशी आतंकवादी को मार गिराया और दूसरे को भी ढेर किया था। कीर्ति चक्र पुरस्कार पाने वालों में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर का नाम भी शामिल है। वहीं, इस वर्ष 13 शौर्य चक्र दिए जाएंगे, जिनमें एक मरणोपरांत है।

गणतंत्र दिवस 2026 पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्तम युद्ध सेवा मेडल दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा जाएगा। इसके अलावा पश्चिमी नौसेना कमांडर वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, सेना वायु रक्षा महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी कुन्हा और सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव वाइस एडमिरल अतुल आनंद को भी परम विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। कर्नल सोफिया कुरैशी को विशिष्ट सेवा पदक देने की घोषणा की गई है।

इसी कड़ी में पुलिस सेवा से जुड़े एक बड़े नाम को भी गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट डी.के. शाही को मऊ के कुख्यात अपराधी पंकज यादव उर्फ उखड़ू के एनकाउंटर के लिए वीरता पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। डी.के. शाही उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रामपुर कारखाना विकास खंड के नौतन गांव के निवासी हैं और अपने साहसिक अभियानों के लिए अपराधियों के बीच खौफ का नाम माने जाते हैं।