नई दिल्ली। मध्य पूर्व में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से दुनिया भर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और LPG आपूर्ति में रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे ज्यादा LPG बनाएं और उसका इस्तेमाल सिर्फ घरेलू LPG के लिए करें।
केंद्र सरकार ने देशभर में 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955' लागू कर दिया है। हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते होने वाली गैस सप्लाई ठप होने के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है। गैस किल्लत को देखते हुए दिल्ली मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस रोक की वजह से रेस्टोरेंट्स और होटलों के बंद होने की नौबत आ गई है। छोटे होटल और भोजनालय चलाने वालों ने सरकार से कहा है कि सप्लाई बहाल की जाए।
बता दें कि एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 का एक ऐसा कानून है, जो सरकार को यह ताकत देता है कि वह किसी भी जरूरी चीज जैसे- अनाज, दालें, खाने का तेल, दवाइयां या ईंधन की सप्लाई और कीमतों को कंट्रोल कर सके। इसे आसान भाषा में 'जमाखोरी रोकने वाला कानून' कह सकते हैं। जब कभी किसी चीज की कमी होने लगती है या उसकी कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ने लगती हैं, तो सरकार इस कानून को लागू कर देती है। इसके तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की एक लिमिट तय कर दी जाती है कि वे एक सीमा से ज्यादा सामान गोदामों में नहीं भर सकते।
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में आई भारी उछाल के कारण सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। केंद्र सरकार के 5 मार्च के निर्देश के बाद कंपनियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सप्लाई चेन सामान्य नहीं होती, तब तक व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सिलेंडर की रिफिलिंग में भारी कटौती की जाएगी।