जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज नहीं पर्यटन विकास निगम की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता डूबी है। 30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने पोल खोली है कि सबसे प्रदेश में बिना सुरक्षा साधनों के पर्यटन केंद्र चल रहे हैं। पर्यटन गतिविधि के दौरान अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो रेस्क्यू करने का भी कोई इंतजाम नहीं है। बरगी डैम हादसे के बाद वायरल वीडियो में सामने आया कि जब क्रूज नाव का संतुलन बिगड़ने लगा, तब क्रूज संचालन से जुड़े लोग यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए दे रहे हैं।

यात्रियों को पहले ही उन्हें पहनने के लिए नहीं दिया गया। सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए जैकेट रखी गई थीं। राहत-बचाव कार्य के दौरान भी डैम में लाइफ जैकेट के बंडल पानी में तैरते हुए मिले थे। पर्यटन विकास निगम बीते कई सालों से हर वर्ष कई पुरस्कार जीत रहा है। महिला सुरक्षा, नये टापू जैसे नवाचार का दुनिया भर में ढोल पीटा गया। अफसरों ने नवाचार की वाहवाही लूटी तो मंत्रियों ने पुरस्कार लेने की। मगर अजब एमपी के पर्यटन की गजब लापरवाही कि कमाई के चक्कर में पर्यटकों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया। 

क्रूज संचालन में नियमों की धज्जियां उड़ाना सामने आया तो मंत्री ने अभी क्रूज संचालन पर बैन लगा दिया। खुसुर पुसुर तो यह भी है कि पर्यटन विभाग में पीएस जो अब अपर मुख्य सचिव हो गए हैं 6 साल से ज्यादा समय से जमे हुए हैं। जबकि एक विभाग में 3 साल तक ही रहने का नियम है। 1994 बैच के आईएएस शिवशेखर शुक्ला को अगस्त 2020 में शिवराज सरकार में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया था। 

डॉ. मोहन सरकार ने व्यापक प्रशासनिक बदलाव भी किए, लेकिन संस्कृति एवं पर्यटन विभाग अभी भी शिवशेखर शुक्ला के हाथों में ही रहा। इस कार्यकाल में ठेकों को लेकर भी एकाधिकार की खबरें जब तब उड़ती रहती हैं। बरगी डैम हादसे के बाद कुछ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है। ऐसे अफसरों का क्या जो एक विभाग में बरसों से जमे हैं और हर निर्णयों में जिनका वर्चस्व रहा है। नीतियां भी जिनकी बनाई हुई है और संचालन व्यवस्था भी। इससे पहले 13 सितंबर 2025 को मंदसौर के गांधी सागर फॉरेस्ट रिट्रीट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हॉट एयर बैलून में आग लगी तुम तब कलेक्टर अदिती गर्ग ने घटना को ही भ्रामक बता दिया था। अफसर अभी भी जिम्मा नहीं ले रहे हैं।


सीएम मोहन यादव की गेट पॉलिटिक्स को अफसर ने लगाया ब्रेक

मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद भोपाल में चारों ओर द्वार बनाए जा रहे हैं। भोपाल में फंदा के पास सिक्स लेन सडक पर पांच करोड़ की लागत से 30 मीटर चौड़ा सम्राट विक्रमादित्य द्वार बनाया जा रहा है। उज्जैन की साईधाम कालोनी, राजेंद्र नगर, केशव नगर आदि 35 स्थानों पर 6.28 लाख रुपए से स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। शाजापुर शहर में नगर पालिका द्वारा उज्जैन के महामृत्युंजय द्वार की तर्ज पर 2.90 करोड़ रुपए से एक भव्य स्वागत द्वार का निर्माण किया जा रहा है। 

खरगोन जिले के महेश्वर में मंडलेश्वर मार्ग पर नगर से एक किमी दूर पर विशाल अहिल्या स्वागत द्वार बनाया गया है। नगर पालिका स्तर के प्रोजेक्ट्स में लविभिन्न जिलों में भी स्थानीय निकायों द्वारा 10 लाख से 20 लाख की लागत वाले छोटे स्वागत द्वारों के टेंडर जारी किए गए हैं। सीएम मोहन यादव और बीजेपी की इस द्वार राजनीति पर आईएएस ने ब्रेक लगा दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने साफ कहा है कि यदि कोई निकाय स्वागत द्वार बनाता है, तो संबंधित अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा। उन्होंने पत्र भेज कर निकायों से कहा है कि फिजूलखर्ची करने की जगह जनता के हित के काम करिए।

आईएएस से लेकर संतरी तक, सब दे रहे गालियां

मध्य प्रदेश में यह कैसी प्रशासनिक संस्कृति जन्म ले रही है जिसमें आईएएस से लेकर संतरी अपशब्द बोल रहे हैं। आईएएस मंत्री को गाली दे रहा है तो नायब तहसीलदार किसानों को। जबलपुर में आईएएस अरविंद शाह ने मंत्री राकेश सिंह को अपशब्द कहे तो उन्हें वैसा ही जवाब मिला। गेहूं बेचने के लिए बुधवार को भ‍ितरवार कृषि उपज मंडी पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि तुलाई में गड़बड़ी की जा रही है और सही दाम मांगने पर गेहूं की तुलाई ही नहीं की जा रही है। स्थिति बिगड़ने पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार हरनाम सिंह का किसानों से विवाद हो गया। 

किसानों का आरोप है कि बातचीत के दौरान तहसीलदार ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की, जिससे गुस्सा और बढ़ गया। नायब तहसीलदार हरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्वों ने अचानक आकर विवाद को बढ़ाया और उनके साथ मारपीट की।उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका चश्मा छीन लिया गया और उन्हें मुंह में चोट आई। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें मौके से निकलकर अपनी जान बचानी पड़ी गुना जिले में एक विवाद को लेकर एक युवक के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने के आरोप में दो पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित करना पड़ा। 

टीकमगढ़ जेल में जेल अधीक्षक यजुवेंद्र बाघमारे और डिप्टी जेलर अश्विनी शुक्ला विभागीय जांच के एक मामले के दौरान भिड़ गए। डिप्टी जेलर शुक्ला ने जेल अधीक्षक बाघमारे पर गाली देकर बेइज्जत करने सहित कई आरोप लगाए। परेशान हो कर डिप्टी जेलर ने जेल डीजी को इस्तीफा ही भेज दिया। हालांकि डिप्टी जेलर शुक्ला के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया गया है। 

मुख्यमंत्री जैसे काम से चर्चा में नई कलेक्टर

किसानों की समस्या जानने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस सप्ताह जहां सीएम मोहन यादव के औचक निरीक्षण सुर्खियां बने तो नई कलेक्टर भी खबरों में पीछे नहीं रही। 2015 बैच की आईएएस अधिकारी बिदिशा मुखर्जी 10 अप्रैल 2026 को मैहर जिले की कलेक्टर बनी हैं। कलेक्टर बनते ही मुखर्जी ने औचक निरीक्षण शुरू कर दिए। शनिवार शाम जब वे सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचीं, तो प्रसूति वार्ड में एक महिला द्वारा पांचवें बच्चे को जन्म देने की बात सुनकर वे दंग रह गईं। 

महिला को दी गई समझाइश का वीडियो वायरल हुआ। कलेक्टर की नाराजगी सिर्फ समाज तक सीमित नहीं रही, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को भी आड़े हाथों लिया। कलेक्टर की हिदायत को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नागपुर में कुछ दिन पहले दिए गए बयान से जोड़ा गया। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि हिंदुओं को अपनी आबादी बढ़ानी चाहिए। हिंदुओं से 4 बच्चे पैदा करने की अपील करते हुए कहा था कि एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को समर्पित कर देना चाहिए।