जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार 30 अप्रैल की शाम हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में 9 लोगों की मौत के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित कर दिया गया है। जबकि, रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।

यह हादसा नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में उस समय हुआ जब अचानक आई तेज आंधी की चपेट में आकर क्रूज पलट गया। हादसे में 9 लोगों की जान चली गई थी। जबकि, राहत एवं बचाव दलों की तत्परता से 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद प्रशासन और सरकार दोनों हरकत में आ गए और तुरंत राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। इसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के गोताखोर और स्थानीय लोग शामिल रहे थे।

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए स्पष्ट कहा है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री स्वयं बरगी बांध भी पहुंचे थे और मौके पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली थी। इस दौरान उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और बचाव दलों के प्रयासों की सराहना भी की थी। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के श्रमिकों, सेना और आपदा प्रबंधन बलों की तेजी से कार्रवाई के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी। मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में शामिल श्रमिकों को 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने और सभी बचावकर्मियों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की घोषणा भी की है।

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सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जांच महानिदेशक होमगार्ड नागरिक सुरक्षा, राज्य शासन के सचिव और जबलपुर संभागायुक्त द्वारा संयुक्त रूप से की जाएगी। इसमें हादसे के वास्तविक कारणों, घटना के समय की परिस्थितियों और क्रूज संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों व नियमों की गहन समीक्षा की जाएगी। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इसी बीच एहतियात के तौर पर राज्य में क्रूज संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जांच में यदि अन्य जिम्मेदारों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद प्रशासन अब सुरक्षा प्रोटोकॉल और संचालन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा में जुट गया है।

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