काम का क्रेडिट लेने और मुंह दिखाने की होड़ में बीजेपी नेता पार्टी और सीएम मोहन यादव की फजीहत करवाने से भी नहीं चूक रहे हैं। त्योंथर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव को रीवा शहर में दौरा सीमित करना पड़ा। यह सब बीजेपी विधायकों की आपसी खींचतान के कारण हुआ माना जा रहा है। 

त्योंथर में बाढ़ की स्थिति देखने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली से अचानक रीवा पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र का भ्रमण करने की जगह रीवा में ही अफसरों की ऑनलाइन मीटिंग कर जरूरी निर्देश दिए। अचरज हुआ कि मीटिंग तो भोपाल से भी हो सकती थी यदि भ्रमण नहीं करना था तो सीएम डॉ. मोहन यादव रीवा क्यों गए थे? रीवा की राजनीति में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और त्योंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी का मनमुटाव जगजाहिर है। मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि जैसे ही उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को मुख्यमंत्री के दौरे की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत ही रीवा के गुलाब नगर का भ्रमण करवाने का कार्यक्रम तैयार करवा दिया। मुख्यमंत्री त्योंथर तो नहीं जा सके लेकिन रीवा का दौरा भी 15 मिनट में निपट गया। इस अव्यवस्थित दौरे से शक्ति प्रदर्शन जरूर हुआ मगर जनता की परेशानी कितनी हल हुई कहा नहीं जा सकता है। 

अंदरूनी राजनीति के कारण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रीवा में ही नहीं कुछ दिनों पहले अपने गृहनगर उज्जैन में भी असहज हो गए थे। वायरल हुए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि डॉ. मोहन यादव के साथ फोटो फ्रेम में आने को लेकर कुछ नेताओं में धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मौके की नजाकत देखते हुए माहौल संभालने की कोशिश की लेकिन बात बनी नहीं। 

सड़क के गड्ढों के कारण बीजेपी विधायक हो गए कमजोर

मंत्री और सीएम को कहने के बावजूद सड़क व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर बीजेपी के सीनियर एमएलए अजय विश्वनोई का असंतोष बार-बार छलक रहा है। अब उन्होंने कहा है कि उनकी सुनवाई नहीं हो रही है इसका मतलब साफ है कि अजय विश्वनोई कमजोर हो गया है। यानी विधायक कमजोर हो गया हैं। 

बीजेपी विधायक अजय बिश्नोई ने मध्यप्रदेश में सड़कों की खराब हालत और निर्माण कार्यों में देरी को लेकर सरकार और विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कम दर पर ठेके, निर्माण की गुणवत्ता में कमी और भ्रष्टाचार को सड़कों की बदहाली की प्रमुख वजह है। बिश्नोई ने कहा कि सड़क, पानी और स्थानीय विकास से जुड़ी समस्याओं के लिए जनता सबसे पहले अपने विधायक के पास पहुंचती है। लेकिन जब प्रशासनिक स्तर पर काम नहीं होता तो विधायक भी खुद को असहाय महसूस करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी समस्या नहीं है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के विधायकों के सामने ऐसी स्थिति आती है।

बीजेपी विधायक बिश्नोई ने कहा कि समस्या को केवल राजनीतिक विरोध के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इसके पीछे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार बड़ा कारण है। उन्होंने सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर इसकी वास्तविकता की गहराई से समीक्षा जरूरी है। अजय विश्नोई की यह नाराजी एक माह में दूसरी बार फूटी है जब सरकार में गड्ढों को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं जनता के दबाव में वे अब खुल कर असन्तोष जाहिर कर रहे हैं। 

महँगी चीनी से शिवराज सिंह चौहान का मुंह कड़वा

चीनी के बढ़ते दामों ने जनता ही नहीं नेताओं की मिठास भी कम कर दी है। दे चीनी की बढ़ती कीमतों पर नेताओं से सवाल पूछे जा रहे हैं। ऐसा ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भी हुआ। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक दिवसीय दौरे पर अपने क्षेत्र रायसेन पहुंचे थे। विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक के बाद जब शिवराज सिंह चौहान से चीनी की कीमतों पर सवाल हो गया। उनसे पूछा गया कि इस कारण रक्षाबंधन पर मिठास की कमी है। जाते-जाते शिवराज सिंह चौहान ने इतना ही कहा कि चिंता मत करो। सब इंतजाम हो रहे हैं। 

पूरे कार्यक्रम पर यह सवाल भारी पड़ा और यही वायरल भी हुआ। आजकल ऐसा ही हो रहा है। शिवराज अपने विभाग नहीं बल्कि अन्य विभागों के मुद्दों पर घिर जाते हैं। बीते दिनों मूंग खरीदी को लेकर हुए किसान प्रदर्शन में भी राज्य सरकार के बदले केंद्रीय कृषि विभाग पर सवाल उठे तो शिवराज सिंह चौहान तुरंत सक्रिय हुए थे। उन्होंने अपनी छवि बिगड़ने की चिंता की थी। 

खेल बचाने मैदान में उतरेंगे जीतू पटवारी

खेल के मैदान पर नई राजनीति आकार ले रही है। नीमच के सरकारी स्कूल के खेल मैदान पर सीएम राइज स्कूल बनाया जा रहा है। इसका खिलाड़ी विरोध कर रहे हैं। खिलाड़ियों के साथ जनता में भी आक्रोश है। इस निर्णय का विरोध करते हुए बंद का आह्वान किया जा चुका है। हर विरोध को नजरअंदाज कर प्रशासन ने निर्माण कार्य जारी रखा है। खेल प्रेमियों का कहना है कि स्कूल को किसी दूसरी जगह बनाना चाहिए। खेल मैदान को ऐसे ही बना रहने देना चाहिए।

सोमवार सुबह कांग्रेस नेता राकेश अहीर ने वीडियो कॉल कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को खेल मैदान पर स्कूल बनाने तथा इसके जन विरोध की बात बताई। वीडियो कॉल पर ही जीतू पटवारी ने कहा कि तुम आंदोलन जारी रखो, मैं भी आऊँगा। बताया जा रहा है कि जीतू पटवारी 26 अगस्त  को नीमच पहुंच रहे हैं। कांग्रेस अब आंदोलन को बढ़ा रूप देने की तैयारी में जुट गई है।