दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने लोट्टे चोको पाई के एक खास बैच को असुरक्षित घोषित करते हुए उसकी बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल रोक लगा दी है। विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की प्रयोगशाला जांच में उत्पाद में निर्धारित सीमा से अधिक प्रिजर्वेटिव पाए गए हैं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को संबंधित बैच का स्टॉक बाजार से वापस लेने के निर्देश दिए हैं। 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला दुर्ग ने लोट्टे ब्रांड के 672 ग्राम पैक का नमूना जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला कैली लैब प्राइवेट लिमिटेड भेजा था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में उत्पाद में तय मानक से अधिक प्रिजर्वेटिव होने की पुष्टि हुई है। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट क्रमांक R-0565/2026 (10565/10/07/2026) 21 जुलाई को जारी हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित खाद्य उत्पाद को असुरक्षित घोषित किया गया है। 

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जिस उत्पाद के खिलाफ कार्रवाई हुई है उसका बैच नंबर NM10DC2 है। इसकी निर्माण तिथि 10 अप्रैल और समाप्ति तिथि 9 अप्रैल 2027 दर्ज है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरे ब्रांड के खिलाफ नहीं बल्कि जांच में असुरक्षित पाए गए इसी विशेष बैच के उत्पाद के खिलाफ है।

जिला प्रशासन के निषेधात्मक आदेश के बाद दुर्ग जिले के खाद्य व्यवसाय संचालकों, वितरकों, थोक कारोबारियों और खुदरा दुकानदारों को संबंधित बैच की बिक्री और वितरण तुरंत बंद करने को कहा गया है। जिन कारोबारियों के पास इस बैच का स्टॉक मौजूद है उन्हें उत्पाद बाजार से वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

वापस लिए गए उत्पाद की जानकारी निर्धारित प्रारूप में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा और संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जब्त या वापस मंगाए गए उत्पाद का निपटान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम 2011 में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

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प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी है। साथ ही संबंधित बैच की बिक्री या वितरण करते पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी संबंधित खाद्य कारोबारियों के पास उपलब्ध स्टॉक की वापसी की प्रक्रिया की निगरानी भी करेंगे और इसकी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। प्रशासन ने यह कदम जांच में उत्पाद को असुरक्षित पाए जाने के बाद संभावित जनस्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए उठाया है।