नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर रविवार को दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा और आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो में वर्मा एक युवक का मोबाइल नीचे करते और फिर उसे थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। AAP ने वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर साझा कर मंत्री पर कार्रवाई की मांग की है।
मामला उस समय शुरू हुआ जब प्रवेश वर्मा क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह भी मौके पर पहुंच गए और सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। सिंह ने सड़क की ऊपरी परत का हिस्सा हाथ से निकालकर वर्मा को दिखाया। इसके बाद दोनों के बीच सड़क की गुणवत्ता और निर्माण को लेकर तीखी बहस हुई।
सामने आए दूसरे वीडियो में जरनैल सिंह सड़क का उखड़ा हुआ हिस्सा दिखाते हुए प्रवेश वर्मा से सवाल करते नजर आते हैं। वर्मा ने जवाब में कहा कि गलत बात नहीं करनी चाहिए और आरोप लगाया कि 15 साल में सड़क नहीं बनाई गई। इस पर जरनैल सिंह ने कहा कि सड़क बनानी है तो ऐसी बनाई जाए जो 15 घंटे में न उखड़े। बहस के बाद वर्मा वहां से अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए और जरनैल सिंह भी उनके पीछे जाते दिखाई दिए। इसी दौरान पास में खड़ा एक युवक पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहा था।
वीडियो में इसके बाद प्रवेश वर्मा युवक का मोबाइल नीचे करते और उसके चेहरे पर थप्पड़ मारते नजर आते हैं। घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद लोग युवक को वर्मा से अलग करते दिखाई देते हैं। युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में सामने आई है। उसने दावा किया कि वह जरनैल सिंह के सोशल मीडिया के लिए लाइव रिकॉर्डिंग कर रहा था। उसके मुताबिक, वर्मा ने उसका फोन नीचे किया और फिर उसे थप्पड़ मारा। उसने पुलिस में शिकायत देने की बात भी कही है।
AAP ने आरोप लगाया है कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद युवक के साथ मारपीट की गई। पार्टी और विधायक जरनैल सिंह ने घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो साझा करते हुए प्रवेश वर्मा की गिरफ्तारी की मांग की और कहा कि वह अगले दिन घटनास्थल पर जाएंगे।
विवाद के बाद प्रवेश वर्मा ने करीब 2 मिनट 56 सेकंड का वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा है और वे मौके पर काम की स्थिति देखने पहुंचे थे। वर्मा के अनुसार, PWD के इंजीनियरों ने पुलिस में शिकायत की है और जरनैल सिंह के खिलाफ FIR की प्रक्रिया चल रही है।
वर्मा ने आरोप लगाया कि जरनैल सिंह लंबे समय से PWD अधिकारियों पर कॉन्ट्रैक्टर से मुलाकात कराने और कमीशन की व्यवस्था कराने का दबाव डाल रहे थे। उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंचकर उन्होंने करीब 45 मिनट तक विधायक का इंतजार किया। उनके मुताबिक, जरनैल सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और बहस के दौरान उनके परिवार के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। वर्मा ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी व्यक्ति की तरह उन्होंने भी गुस्से में प्रतिक्रिया दी। ये आरोप वर्मा का पक्ष हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस वीडियो से नहीं होती।
वर्मा ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया था कि इलाके में करीब 15 साल से सड़क नहीं बनी थी। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के दौरान लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
पूरे विवाद का मूल मुद्दा सड़क निर्माण की गुणवत्ता है। जरनैल सिंह का कहना है कि नई बनी सड़क की ऊपरी परत हाथ से ही निकल रही थी। दूसरी ओर प्रवेश वर्मा ने निर्माण कार्य को सही बताया और सड़क को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उपलब्ध वीडियो में दोनों नेताओं के बीच इसी मुद्दे पर बहस दिखाई देती है लेकिन केवल वीडियो के आधार पर सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
प्रवेश वर्मा का नाम इससे पहले भी कई राजनीतिक विवादों में सामने आ चुका है। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को लेकर उनकी विवादित टिप्पणी के बाद उन्हें 96 घंटे तक चुनाव प्रचार से प्रतिबंधित किया था। उसी चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल को लेकर की गई टिप्पणी पर आयोग ने उन पर अलग से 24 घंटे का प्रचार प्रतिबंध लगाया था।
अक्टूबर 2022 में यमुना में झाग रोकने के लिए डाले जा रहे डिफोमर को लेकर वर्मा और दिल्ली जल बोर्ड के एक अधिकारी के बीच तीखी बहस हुई थी। अधिकारी ने बाद में पुलिस में शिकायत भी दी थी। विवाद के बीच DJB के अधिकारी संजय शर्मा ने यमुना के पानी में स्नान कर यह दिखाने की कोशिश की थी कि इस्तेमाल किया जा रहा डिफोमर जहरीला नहीं है।
दिसंबर 2024 में AAP ने आरोप लगाया था कि वर्मा के आवास पर महिलाओं को 1,100 रुपये दिए जा रहे हैं और उन्हें BJP के पक्ष में मतदान करने के लिए कहा जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में महिलाओं के ऐसे दावे सामने आए थे। वर्मा ने पैसे देने की बात को अलग तरीके से स्पष्ट करते हुए इसे अपने पिता द्वारा स्थापित संस्था के जरिए जरूरतमंद महिलाओं की सहायता बताया था। आरोपों और वर्मा के स्पष्टीकरण को अलग-अलग संदर्भ में देखा गया है।
जनवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान वाल्मीकि मंदिर में जूते देने के मामले में भी वर्मा पर आचार संहिता उल्लंघन के आरोप लगे थे। रिटर्निंग ऑफिसर ने पुलिस को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे तथा दिल्ली पुलिस ने बाद में गैर संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज की थी। वर्मा का कहना था कि उन्होंने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके पैरों में जूते पहनाए थे ना कि उन्हें मतदाताओं में वितरित किया था।