नई दिल्ली। भारतीय रुपया शुक्रवार को पहली बार 88 रुपए प्रति डॉलर के ऑलटाइम लो पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका की ओर से भारत पर लगाए गए उच्च टैरिफ की वजह से रुपए में यह गिरावट आई है।
शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपए में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 64 पैसे की गिरावट देखने को मिली और ये 88.29 रुपए प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया।
हालांकि, दोपहर 2:10 बजे तक रिजर्व बैंक (RBI) ने डॉलर बेचकर रुपए को थोड़ा सहारा दिया और यह करीब 88.12 पर ट्रेड करने लगा। वहीं कारोबार बंद होने पर यह 20 पैसे की गिरावट के साथ 87.85 रुपए प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।
इससे पहले फरवरी में रुपया 87.95 प्रति डॉलर के ऑल टाइम लो पर आया था। 2025 में अब तक रुपया 3% कमजोर हो चुका है और यह एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है। शुक्रवार को रुपया चीनी युआन के मुकाबले भी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
रुपए में गिरावट को लेकर विपक्ष ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, 'पता नहीं प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा किस गहरे गढ्ढे में जाकर गिरी होगी? ख़ुद ही कहते थे जैसे जैसे रुपया गिरता है प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा गिरती है। 58/डॉलर पर मिला था 88/डॉलर पार करा दिया। लगता है शतक लगवा कर ही मानेंगे?'