बीजिंग। चीन की सेना के सबसे ताकतवर जनरल झांग यूश्या और रणनीति प्रमुख ल्यू झेनली जांच के घेरे में हैं। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो आधिकारिक कहानी बताई गई कि यह भ्रष्टाचार और अनुशासन उल्लंघन का मामला है। सरकारी मीडिया ने इसे सेना में ‘सुधार’ और ‘साफ-सफाई अभियान’ के तौर पर पेश किया। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में इसे बड़े षडयंत्र के नाकामी के तौर पर पेश किया गया है।

कनाडा में रह रहीं चीनी लेखिका शेंग शुए ने दावा किया है कि चीन में तख्तापलट की कोशिशें हुईं। लेकिन राष्ट्रपति जिनपिंग को इसकी भनक लग गई थी और वे भाग निकले। इसके बाद शीर्ष सैन्य अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। शेंग शुए के मुताबिक, 18 जनवरी की शाम झांग यूश्या और ल्यू झेनली शी जिनपिंग के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में थे। उस दिन शी जिनपिंग पश्चिमी बीजिंग के जिंगशी होटल में ठहरने वाले थे।

हाल के वर्षों में शी जिनपिंग का कोई तय निवास नहीं होता। वह हर कुछ दिनों में जगह बदलते हैं, जिससे उनकी गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से झांग के खेमे को लगा कि जिंगशी होटल ही सबसे बेहतर मौका है। लेखिका के मुताबिक योजना थी कि उसी रात शी जिनपिंग को हिरासत में लिया जाएगा और सत्ता संतुलन बदल दिया जाएगा। लेकिन ऑपरेशन से ठीक दो घंटे पहले यह योजना शी जिनपिंग तक पहुंच गई।

शुए का कहना है कि या तो पहले से जिनपिंग ने झांग के आसपास अपने लोग लगा रखे थे या फिर आखिरी वक्त पर किसी ने धोखा दे दिया। जानकारी मिलते ही शी जिनपिंग ने तुरंत होटल छोड़ दिया और पलटवार की तैयारी कर ली। झांग यूश्या के लोगों को यह पता नहीं था कि उनका प्लान लीक हो चुका है। वे तय समय पर आगे बढ़े। 

शेंग शुए के सूत्र का दावा है कि जिंगशी होटल में झांग के लोगों और शी जिनपिंग की ओर से तैनात सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई और काफी गोलियां चलीं। इस टकराव में शी के निजी सुरक्षा दल के नौ जवान मारे गए, जबकि झांग के कई समर्थक भी ढेर हो गए। इसके बाद शी जिनपिंग ने तुरंत आदेश दिया कि झांग यूश्या और ल्यू झेनली को गिरफ्तार किया जाए। उनके परिवारों को भी उसी रात हिरासत में ले लिया गया।

शेंग शुए के मुताबिक उन्होंने अपने सूत्र से पूछा कि झांग ने अपने परिवार को सुरक्षित क्यों नहीं किया? इसपर सूत्र ने कहा कि शायद उन्होंने सोचा हो कि ऐसा करने पर किसी तख्तापलट का शक हो सकता है। बाहर की दुनिया को यह सब नहीं बताया गया। कुछ दिन बाद अचानक सरकारी घोषणा आई कि झांग यूश्या और ल्यू झेनली ‘अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन’ के आरोपी हैं।

जानकारों का कहना है कि इतनी जल्दी सार्वजनिक घोषणा इस बात का संकेत है कि शी जिनपिंग स्थिति को तुरंत काबू में दिखाना चाहते थे और किसी भी तरह की अफवाह को दबाना चाहते थे। इस घटना ने शी जिनपिंग को भीतर तक हिला दिया। शेंग शुए के मुताबिक, शी की मां और बहन को भी खतरे की जानकारी दी गई और उन्हें शेनझेन के एक गेस्टहाउस में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।