ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम ने शहर के बड़े बकायादारों की सूची जारी की, जिससे सियासी हलकों में हलचल मच गई। इसकी वजह सूची में शामिल एक नाम है, और वह नाम है कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारत सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके स्व. माधवराव सिंधिया का। उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधया वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं। सिंधिया परिवार ग्वालियर नगर निगम का बकाएदार भी है।
दरअसल, मार्च का महीना चल रहा है और इस दौरान राजस्व वसूली पर जोर रहता है। ग्वालियर नगर निगम की आर्थिक स्थिति भी इस समय बेहद खराब बताई जा रही है। यहां तक कि वेतन और वेंडरों के भुगतान में भी दिक्कतें आ रही हैं। इससे उबरने के लिए हाल ही में संपत्ति कर वसूली को तेज करने को लेकर एक बैठक भी की गई थी, जिसमें बड़े बकायादारों की सूची तैयार करने का फैसला लिया गया था।
9 मार्च की रात ऐसी ही एक सूची तैयार कर नगर निगम अधिकारियों के आंतरिक व्हाट्सऐप ग्रुप में डाली गई। इसमें शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों और सरकारी संस्थानों के नाम शामिल थे। सिंधिया परिवार का नाम होने के कारण यह सूची ग्रुप से बाहर आ गई और फिर वायरल हो गई, जिसके बाद सियासी हलकों में बवाल मच गया। बकायादारों की फेहरिस्त में सबसे चर्चित नाम स्वर्गीय माधवराव सिंधिया का ही है। इनके नाम पर नगर निगम ने 33 लाख 32 हजार 719 रुपए की राशि बकाया दर्शाई है। इतने बड़े नाम का बकाया सूची में आना चर्चा का विषय बन गया है। निगम की फाइलों में दर्ज यह राशि लंबे समय से लंबित बताई जा रही है।
गौरतलब है कि 6 मार्च को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में भी कांग्रेस पार्षद प्रमोद खरे ने संपत्ति कर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने पूछा था कि कटोरा ताल के सामने बनी दुकानों का टैक्स आया है या नहीं। साथ ही जयविलास पैलेस का टैक्स कब और कितना जमा हुआ, इसकी भी जानकारी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि शहर में कई ऐसी संपत्तियां हैं, जिनका टैक्स नहीं आया है, लेकिन भाजपा ऐसे मामलों पर बोलना नहीं चाहती। इस पर भाजपा पार्षद दल के नेता हरि पाल डिफेंसिव मोड में आ गए थे और उन्होंने कहा था कि अगर, कांग्रेस पार्षद के पास जानकारी है तो वे ही बता दें कि जयविलास पैलेस या अन्य संपत्तियों का टैक्स नहीं आ रहा तो उसकी पूर्ति की जाएगी।
ग्वालियर नगर निगम ने 200 ऐसे बाकायदारों के नाम की सूची तैयार की है। जिसमे संपत्तिकर और सेवा कर जमा ना करने वालों के नाम हैं और करीब 300 करोड़ की वसूली बकाया है। इस सूची में सबसे पहले और ऊपर नाम कैंसर हॉस्पिटल का है। जिन्होंने अपना 51,94,30,470 रुपए का संपत्तिकर जमा नहीं किया है।