पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सिंधु नदी के पानी को लेकर भारत को सीधे युद्ध की चेतावनी दे डाली। 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में 81वें UNGA सत्र को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने, उसमें बाधा डालने या उसका रुख मोड़ने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा।
शरीफ ने अपने भाषण में साल 2025 के भारत और पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया था। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धन्यवाद दिया और कहा कि मई 2025 में तनाव को बड़े संघर्ष में बदलने से रोकने में उनकी भूमिका रही थी।
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शहबाज शरीफ ने भारत के सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले को गैरकानूनी बताया है। उनका कहना था कि भारत के इस कदम का कोई कानूनी आधार नहीं है। पाकिस्तान की ओर से लगातार यह दावा किया जाता रहा है कि सिंधु नदी प्रणाली के पानी को रोकने या मोड़ने की कोशिश उसके लिए गंभीर खतरा होगी।
यह विवाद अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद और बढ़ा था। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। भारत ने हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का आरोप लगाया था।
शरीफ ने UN के मंच से कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की जुगुलर वेन यानी गर्दन की प्रमुख नस बताया और कहा कि दक्षिण एशिया में दोबारा संघर्ष जैसी स्थिति पैदा न हो इसके लिए कश्मीर विवाद का समाधान जरूरी है। पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, वह कश्मीर के मुद्दे पर अपना राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन जारी रखेगा।
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव को भी अपने भाषण का हिस्सा बनाया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने आसिम मुनीर के नेतृत्व में भारत को जवाब दिया था और इसके बाद कूटनीतिक रास्ते के लिए जगह बनी थी। शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ट्रंप के हस्तक्षेप से दोनों देशों के बीच बड़ा टकराव टला। ट्रंप ने शुक्रवार को शरीफ के भाषण का करीब 87 सेकंड का वीडियो अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर बिना टिप्पणी के साझा किया।
शरीफ के भाषण के बाद भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र में जवाब दिया। भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े दावों पर पलटवार किया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवादियों को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद जारी रहने पर उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।
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शरीफ ने अपने संबोधन में इस्लामोफोबिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुस्लिमों के खिलाफ कथित भेदभाव, नफरत और धार्मिक स्थलों पर हमलों का जिक्र किया। भारत के संदर्भ में उन्होंने RSS से प्रभावित विचारधारा पर धार्मिक नफरत को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताया। उनका कहना था कि इन रास्तों को खुला रखा जाना चाहिए क्योंकि इनके बंद होने का असर पश्चिम एशिया तक सीमित न रहकर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।