मिडिल ईस्ट में जारी जंग तीसरे दिन और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच सोमवार को कुवैत में अमेरिकी वायुसेना का एक फाइटर जेट क्रैश हो गया। राहत की बात यह रही कि पायलट समय रहते पैराशूट के जरिए बाहर निकल गया और उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जेट हवा में अनियंत्रित होकर गोल-गोल घूमने लगा था। जिसके कुछ ही देर बाद जमीन से टकराते ही उसमें भीषण आग लग गई।
इसी बीच युद्ध को लेकर कूटनीतिक मोर्चे पर भी तनाव बढ़ गया है। ईरान के वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने साफ कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान उन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के जवाब में दिया जिनमें दावा किया गया था कि तेहरान फिर से बात शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
जंग का दायरा अब क्षेत्रीय स्तर पर फैलता दिखाई दे रहा है। ईरान ने सोमवार को इजराइल के साथ-साथ कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में भी हमले दोबारा शुरू कर दिए। दूसरी तरफ लेबनान का उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह भी खुलकर इस संघर्ष में शामिल हो गया है। संगठन ने इजराइल के कई इलाकों में बमबारी की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि वह ईरान के समर्थन में कार्रवाई कर रहा है और ईरान पर हुए हमले का बदला ले रहा है।
युद्ध के मानवीय नुकसान लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने अब तक ईरान के एक हजार से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। शुरुआती 30 घंटों में ही 2000 से ज्यादा बम गिराए गए हैं। इन हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 740 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। सबसे भयावह घटना एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से हुई, जहां 180 छात्राओं की मौत हो गई जबकि 45 अन्य घायल बताई जा रही हैं।
यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। युद्ध के पहले ही दिन हुई भारी बमबारी में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र की राजनीतिक और सैन्य स्थिति को अचानक बदल गया था। वहीं, रविवार को हुए हमलों में तीन अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई।