नई दिल्ली। महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल आज लोकसभा में पेश किए गए। डेढ़ घंटे बाद वोटिंग हुई कि बिलों पर चर्चा की जाए या नहीं। इस दौरान बिल के पक्ष में 251 वोट पड़े जबकि 185 सांसदों ने इसका विरोध किया।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बिलों का विरोध करते हुए कहा कि सरकार संविधान को हाईजैक करना चाहती है। इसके बाद सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने विरोध किया। कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा। तब तक इसका मतलब नहीं है। इस पर अमित शाह ने कहा कि मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इसका सवाल ही पैदा नहीं होता।
अखिलेश यादव ने कहा कि पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है। मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या। इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है।
बता दें कि संविधान संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
डीएमके सांसद टीआरबालू ने कहा कि ये तीनों बिल ही सैंडविच बिल हैं। क्योंकि ये आपस में इंटरलिंक हैं। हमारी पार्टी इसका विरोध करती है। हमने काले झंडे दिखाए। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आप चाहे पीले झंडे दिखाओ या काले दिखाओ। इससे सदन को कोई फर्क नहीं पड़ता।
बहरहाल, लोकसभा में पेश किए गए तीनों बिलों पर 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग होगी। आज और कल इस पर चर्चा होगी। सदन में चर्चा के लिए घंटों को निर्धारित करने पर बात हो रही है। सरकार ने 12 घंटे चर्चा का समय तय किया है।