सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर हुए भीषण बॉयलर विस्फोट में अब तक 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है। जबकि, 30 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसा इतना भयावह था कि कई मजदूर 80 प्रतिशत तक जल गए और कुछ की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के तुरंत बाद घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में लाए गए 18 घायलों में से 10 ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। जबकि, 8 की हालत नाजुक बनी हुई है। इसके अलावा रायगढ़ स्थित मेट्रो हॉस्पिटल में 3 और अपेक्स हॉस्पिटल में 2 मजदूरों का इलाज जारी है। छह गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।

हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे हैं। इनमें 12 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। जबकि, अन्य बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से काम करने आए थे। प्लांट के सिक्योरिटी हेड प्रेम झा के अनुसार, कई शव बुरी तरह जल गए हैं। जिसकी वजह से पहचान करने में दिक्कत आ रही है। अब तक ठंडा राम, पप्पू कुमार और अमृत लाल पटेल (50) की पहचान हो पाई है। वहीं, बाकी की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

घटना के बाद प्लांट के बाहर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा था। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे और कार्रवाई की मांग की। कुछ मजदूरों के अब भी लापता होने की बात सामने आ रही है। परिजनों का कहना है कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही आपात स्थिति को देखते हुए रायपुर के डीकेएस अस्पताल को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुआवजे को लेकर भी अलग-अलग घोषणाएं की गई हैं। वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और नौकरी देने का वादा किया है। जबकि, घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि, “छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई प्लांट में हुई अत्यंत दुखद दुर्घटना से मेरा मन बहुत व्यथित है। इस हादसे में पीड़ित हर व्यक्ति मेरा परिवार है। आपके आंसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा अपना है। दुख की इस घड़ी में मैं पूरी तरह आपके साथ खड़ा हूं। हमारा पूरा सहयोग और हर संभव मदद आपके साथ है। इस घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है और हम मामले की तह तक जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”