सीहोर। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बीजेपी और RSS की चौतरफा फजीहत हो रही है। इस घटना को लेकर देशभर में रामभक्तों में आक्रोश है। इसी बीच अब मध्य प्रदेश से भी चंदा चोरी का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने सलकनपुर स्थित विजयासन देवी धाम में बड़े स्तर पर अनियमितता के आरोप लगाए हैं। 

बुधनी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और अभिनेता विक्रम शर्मा मस्ताल ने सलकनपुर स्थित प्रसिद्ध विजयासन देवी धाम की सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मस्ताल ने मंगलवार को वीडियो जारी कर सनातनियों की आस्था के प्रमुख केंद्र अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित भ्रष्टाचार का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वहां वित्तीय अनियमितता और गबन के मामले सामने आए हैं, ठीक उसी तरह का बड़ा गबन बुधनी विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सलकनपुर धाम में भी हुआ है।

मस्ताल ने मंदिर में पहले हुई एक बड़ी चोरी की घटना का हवाला देते हुए शासन-प्रशासन से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने जानना चाहा कि मंदिर जैसे कड़ी सुरक्षा वाले स्थान पर इतनी बड़ी चोरी कैसे हो गई और इसके लिए जिम्मेदार सुरक्षा चूक क्या थी। चोरी में कितना पैसा गया और मंदिर में कितना पैसा आया, इसका अभी तक जनता के सामने कोई स्पष्ट खुलासा नहीं किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में प्रतिवर्ष आने वाले करोड़ों रुपए के चढ़ावे और दान का पैसा कहां इस्तेमाल किया जाता है, इसका कोई भी लेखा-जोखा सनातनी जनता के साथ साझा नहीं किया जाता। यह पैसा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों सनातनियों की आस्था की गाढ़ी कमाई का पैसा है। जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इस पैसे का उपयोग कहां और किस रूप में किया जा रहा है।

विक्रम मस्ताल ने मंदिर प्रबंधन समिति पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से इस प्रसिद्ध आस्था के केंद्र पर केवल एक ही परिवार या एक ही संस्था के लोगों का वर्चस्व और कब्ज़ा बना हुआ है। इसमें किसी भी प्रकार की लोकतांत्रिक और पारदर्शी व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विक्रम मस्ताल ने देश और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

मस्ताल ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कलेक्टर से अनुरोध किया है कि सलकनपुर मंदिर में हुए वित्तीय गबन की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि मंदिर की वार्षिक आय और व्यय का समूचा विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।