भोपाल। राजधानी भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर विरोध तेज हो गया है। कोलार रोड के मंदाकिनी चौराहे और विजय नगर क्षेत्र में नई जगहों पर दुकानों के संचालन के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। कहीं नारेबाजी हो रही है तो कहीं महिलाएं भजन कीर्तन कर विरोध जता रही हैं। प्रशासन के समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है।

विजय नगर स्थित सांईंराम कॉलोनी में शराब दुकान हटाने की मांग पिछले एक साल से जारी है। स्थानीय निवासी लगातार जनसुनवाई में आवेदन दे रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नाराज महिलाओं ने दुकान के सामने टेंट लगाकर भजन कीर्तन शुरू कर दिया है और साफ कहा है कि जब तक दुकान नहीं हटेगी तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हुए हैं।

यह भी पढ़ें:फार्मा इंडस्ट्री पर मिडिल ईस्ट तनाव का असर, दवाओं की कीमतों में आया उछाल

दूसरी ओर कोलार रोड पर स्थित मंदाकिनी चौराहे पर दुकान शिफ्ट होने के बाद विरोध और तेज हो गया है। यह दुकान पहले सर्वधर्म क्षेत्र में थी। इसे अब रिहायशी इलाके और जैन मंदिर के पास स्थानांतरित किया गया है। दुकान खुलते ही क्षेत्र में भीड़ और जाम की स्थिति बनने लगी। जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई। बुधवार रात लोगों ने दुकान के सामने जमकर प्रदर्शन किया और गुरुवार को कलेक्टर से मिलने की तैयारी की।

इस मामले में कांग्रेस भी सक्रिय हो गई है। कोलार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल सिंह राठौड़ ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर दुकान को तत्काल हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर और आवासीय क्षेत्र के पास शराब दुकान खोलना नियमों और सामाजिक संतुलन के खिलाफ है।

यह भी पढ़ें:ईरान ने अमेरिकी कंपनी Amazon पर किया अटैक, बहरीन के डेटा सेंटर को बनाया निशाना

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह पहले ही दुकान हटाने के निर्देश दे चुके हैं लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई अब तक नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि दुकान को सर्वधर्म पुल के पार बनाई गई नई दुकानों में स्थानांतरित किया जाए जहां रिहायशी इलाका, स्कूल या धार्मिक स्थल पास में न हो।

गुरुवार सुबह भी मंदाकिनी चौराहे पर रहवासियों की बैठक हुई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दुकान को किसी वैकल्पिक और उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट कराया जाएगा। फिलहाल, दोनों इलाकों में विरोध जारी है और स्थिति को लेकर प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

यह भी पढ़ें:रायसेन में 50 एकड़ खेत में लगी भीषण आग, 11 किसानों की गेहूं की फसल हुई खाक