हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के माचक नहर टेल क्षेत्र में सिंचाई के पानी को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सारसूद, बावड़ियां, पड़वा, तारापुर, पहेट और छीपाबड़ गांव के किसान पिछले चार दिनों से धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल के लिए तय समय के बावजूद नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। जिसकी वजह से फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। विरोध जताने के लिए किसानों ने रविवार को सूखी नहर के भीतर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रशासन व सिंचाई विभाग की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।

धरना दे रहे किसानों का कहना है कि माचक नहर के टेल क्षेत्र तक पिछले कई दिनों से पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों के मुताबिक, 36 घंटे की औसराबंदी तय होने के बाद भी नहर सूखी पड़ी रही। करीब दस दिनों से खेतों में सिंचाई नहीं हो पाई है। जिसके कारण मूंग की फसल खराब होने लगी है। लगातार बढ़ रही परेशानी के बीच किसानों ने आंदोलन तेज करते हुए सूखी नहर में ही धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया।

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धरना स्थल पर पंडित राघवेंद्र जोशी ने विधि विधान से यज्ञ संपन्न कराया। इस दौरान किसानों ने यज्ञ कुंड में सूखी मूंग की फसल की आहुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। किसानों का कहना है कि यह प्रदर्शन प्रशासन और नहर विभाग का ध्यान खींचने के लिए किया गया है ताकि टेल क्षेत्र तक जल्द पानी पहुंच सके।

किसानों ने आरोप लगाया कि रात के समय नहर के हेड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पानी की चोरी हो रही है। उनका कहना है कि शुरुआती हिस्सों में पानी रोक लिए जाने के कारण अंतिम छोर पर बसे गांवों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान टेल क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ रहा है।

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किसान शंकर सोलंकी ने कहा कि कई दिनों से आंदोलन जारी रहने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने बताया कि खेतों में खड़ी मूंग की फसल तेजी से सूख रही है और यदि जल्द पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मजबूरी में किसानों को यह अनोखा प्रदर्शन करना पड़ा।

वहीं, माचक नहर के एसडीओ रोहन विलियम ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता फिलहाल मुख्य कमान क्षेत्र में पानी पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि जिस इलाके के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं वह आंशिक ऐलान क्षेत्र में आता है। विभाग पानी की उपलब्धता के अनुसार, वहां पहले भी सप्लाई कर चुका है और अगले एक दो दिनों में टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

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