भोपाल। राजधानी भोपाल में वेतन बढ़ाने और स्थायी नियुक्ति समेत विभिन्न मांगों को लेकर सफाईकर्मियों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। सुबह से धरने पर बैठे कर्मचारियों ने अधिकारियों के ज्ञापन लेने नहीं पहुंचने से नाराज होकर जहांगीराबाद चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। उस दौरान करीब दो घंटे तक कर्मचारी सड़क पर बैठे रहे थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद उन्होंने रास्ता खाली किया। सफाईकर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो 4 नवंबर से प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में भोपाल के अलावा प्रदेश के अलग-अलग जिलों से भी कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सुबह 9 बजे से धरने पर बैठे थे। उन्होंने शाम 4 बजे तक अपनी मांगों के निराकरण की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की कोशिश की लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इससे नाराज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की रणनीति बनाई और चक्काजाम शुरू कर दिया।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने शाहजहांनी पार्क से आगे जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को आगे बढ़ने से रोकना था लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग हटाकर बाहर निकल आए। इसके बाद वे तलैया थाने के सामने से होते हुए जहांगीराबाद चौराहे पर पहुंच गए। वहां पुलिस ने चौराहे के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद कर्मचारी सड़क पर बैठ गए और आवागमन बाधित कर दिया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात प्रभावित रहा था।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि यह प्रदेशव्यापी आंदोलन है जिसमें विभिन्न जिलों के हजारों सफाई कर्मचारी और दूसरे कर्मचारी वर्गों के लोग शामिल हुए हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन बढ़ाना और स्थायी करना शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से इन मांगों को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। झांझोट ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे लेकिन अधिकारियों की ओर से ज्ञापन तक नहीं लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार की तरफ से जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं आता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

जहांगीराबाद चौराहे पर चक्काजाम के चलते पुलिस को यातायात का रास्ता बदलना पड़ा था। इसका असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई दिया। पुलिस कंट्रोल रूम के सामने और पुराने भोपाल के कई हिस्सों में वाहनों की कतारें लग गई थी। अचानक हुए ट्रैफिक बदलाव से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।

प्रदर्शन को लेकर सोमवार को सरकारी कचरा गाड़ियों के माध्यम से भी अनाउंसमेंट किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले की शिकायत नगर निगम अधिकारियों तक पहुंची है। बताया गया कि यूनियन के आंदोलन के प्रचार के लिए कचरा गाड़ियों पर लगे लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया। निगम अधिकारियों का मानना है कि सरकारी कचरा गाड़ियों के माध्यम से किसी कर्मचारी यूनियन के आंदोलन का प्रचार नहीं किया जा सकता।

प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने दोहराया कि मंगलवार का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया लेकिन मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में 4 नवंबर से सभी नगरीय निकायों में अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया जा सकता है। इससे प्रदेश के शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।