भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे उत्तर प्रदेश के आगरा से पकड़ा गया। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे भोपाल लाते समय मुगालिया छाप के पास आरोपी ने पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी कर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने वरुण की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, आरोपी को आगरा से हिरासत में लेकर भोपाल लाया जा रहा था। इसी दौरान उसने पुलिस टीम के चंगुल से निकलने का प्रयास किया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर हत्या के पीछे की वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाएगी।
राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद से ही वरुण पुलिस की पकड़ से बाहर था। उसकी तलाश में भोपाल पुलिस ने मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत कई राज्यों में अभियान चलाया। पुलिस की टीमें ग्वालियर, मथुरा और वृंदावन सहित अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे चुकी थी। जांच के दौरान आरोपी के CCTV फुटेज भी मिले थे लेकिन लगातार ठिकाने बदलने के कारण वह गिरफ्त से बचता रहा। आखिरकार पुलिस को उसकी लोकेशन आगरा में मिली। जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की गंभीरता और आरोपी की लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ AIG उमेश तिवारी को दी गई थी। पुलिस ने वरुण की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। SIT उसकी गतिविधियों, संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाकर तलाश अभियान चला रही थी।
रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर IAS एसोसिएशन ने भी चिंता जताई थी। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में पहले मुख्य सचिव से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलकर आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी।
राकेश अग्रवाल की हत्या 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके घर में हुई थी। अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया था। अगले दिन सुबह उनकी पत्नी निशी अग्रवाल ने कमरे में शव देखा। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घटनास्थल की शुरुआती जांच में घर की अलमारियों का सामान बिखरा हुआ मिला था। वहीं, किचन में LPG सिलेंडर का पाइप भी निकला हुआ पाया गया। इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस को आशंका थी कि हत्या के बाद घर में आग लगाकर सबूत नष्ट करने की कोशिश की गई होगी।
जांच के दौरान घर में केयरटेकर के रूप में काम करने वाला वरुण कुमार संदेह के घेरे में आया था। वारदात के बाद से उसके फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद जांच टीम उससे हत्या की साजिश, वारदात के पीछे की वजह, संभावित लूट, साक्ष्य मिटाने की कोशिश और फरारी के दौरान उसे मिली मदद के बारे में पूछताछ करेगी।