भोपाल। मध्य प्रदेश के विधानसभा में मंगलवार दोपहर में हुए घटनाक्रम के बाद निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार समाजसेवी राजकुमार लोहानी का नामांकन निरस्त कर दिया गया। एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रस ने इन्हें समर्थन देने का ऐलान किया था। इधर, भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी पर कांग्रेस ने जानकारी छुपाने का आरोप लगाया है।
दरअसल, मंगलवार दोपहर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और पीसी शर्मा के बाद मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह भी विधानसभा पहुंचे थे। यहां हुए घटनाक्रम के बाद राजकुमार लोहानी का नामांकन निरस्त कर दिया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में हाल ही में खाली हुए राज्यसभा की सीट पर हरदीप सिंह पुरी भाजपा से उम्मीदवार बनाए गए हैं।
विधानसभा में मंगलवार को नामांकन पत्रों की आधिकारिक जांच (स्क्रूटनी) की प्रक्रिया चल रही थी। इस बीच प्रक्रियात्मक त्रुटियों के चलते निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया। इसके साथ ही एक अन्य उम्मीदवार कांते सायन्ना का भी पर्चा जांच में खारिज हो गया। कांग्रेस की आपत्ति के बाद भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी से भी जवाब तलब किया गया है। उन्हें शाम 5 बजे तक का समय भी दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि हरदीप सिंह पुरी ने अपनी और परिवार की कुछ जानकारी शपथ पत्र में छुपाई है।
लोहानी का नामांकन निरस्त करने का कारण फार्म 26 था। निर्वाचन आयोग की ओर से अनिवार्य किया गया शपथ पत्र फरा्म 26 संलग्न नहीं था। दिशा-निर्देशों के अनुसार जरूरी वैधानिक दस्तावेज पूरे न हो पाने पर निटर्निंग ऑफिसर ने यह कदम उठाया है। दो प्रमुख उम्मीदवारो के चुनावी दौड़ से बाहर होने के बाद राजनीतिक समीकरणों में उलटफेर देखने को मिल सकता है।
हेमंत कटारे ने हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पर आपत्ति जाहिर की है। उन्होंने पुरी के फार्म को रिजेक्ट करने की मांग की है। कटारे ने कहा कि शपथ पत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कानून स्पष्ट है। फॉर्म 26 निरस्त होना चाहिए। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें शाम 5 बजे तक का समय दिया है। उन्होंने अपने शपथ पत्र में धर्मपत्नी की जानकारी ही नहीं दी गई है। हरदीप सिंह के ऊपर कई गंभीर आरोप है, वे कानून के आधार पर यह चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। कटारे ने रिटर्निंग आफिसर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं।