भोपाल। राजधानी भोपाल में फायर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को शहर के एमपी नगर स्थित अनअकेडमी और दुर्रानी कोचिंग संस्थान को सील कर दिया गया। दोनों संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां मिलने के बाद 25 जून को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। तय समय सीमा के बाद दोबारा निरीक्षण में भी कमियां दूर नहीं मिलने पर निगम ने भवन खाली कराकर सीलिंग की कार्रवाई की।

नगर निगम का यह अभियान हाल के दिनों में देश के विभिन्न शहरों में आगजनी की घटनाओं के बाद तेज किया गया है। शहर के कोचिंग संस्थानों, रेस्टोरेंट और बहुमंजिला इमारतों की फायर सुरक्षा व्यवस्था की विशेष जांच कराई गई। जिसमें कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आया। निरीक्षण के दौरान कई जगह फायर सिस्टम बंद मिले, अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त पाई गई और आपातकालीन निकास जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं भी नहीं थी। इन कमियों को गंभीर मानते हुए नगर निगम ने 40 से अधिक कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी कर सात दिन में सुधार करने के निर्देश दिए थे।

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अधिकारियों के अनुसार, कई संस्थानों ने नोटिस के बावजूद जरूरी सुधार नहीं किए। इसी क्रम में बुधवार को दोबारा निरीक्षण किया गया। जिसमें अनअकेडमी और दुर्रानी कोचिंग में सुरक्षा संबंधी खामियां पहले की तरह बरकरार मिली। इसके बाद निगम की टीम ने दोनों भवन खाली कराकर उन्हें सील कर दिया।

अनअकेडमी के निरीक्षण में पाया गया कि संस्थान में आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। मैनुअल कॉल प्वाइंट (एमसीपी) बंद मिले, फायर हाइड्रेंट ऑटो मोड पर संचालित नहीं हो रहा था और उसे जनरेटर से भी नहीं जोड़ा गया था। भवन की विभिन्न मंजिलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं था। जबकि, अग्निशमन यंत्रों की वैधता भी समाप्त हो चुकी थी।

वहीं, दुर्रानी कोचिंग में भी कई गंभीर कमियां सामने आई। वहां अग्निशमन यंत्र एक्सपायर पाए गए, फायर हाइड्रेंट का जल कनेक्शन बंद था और उसका उपयोग अन्य कार्यों में किया जा रहा था। इसके अलावा भवन में आपातकालीन सीढ़ियों का अभाव था तथा ऊपरी मंजिलों पर पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था भी नहीं मिली।

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इस कार्रवाई का असर बड़ी संख्या में छात्रों पर पड़ने वाला है। दोनों संस्थानों में प्रतिदिन करीब दो से तीन हजार विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। कोचिंग सील होने के बाद नियमित कक्षाओं, टेस्ट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

नगर निगम के अनुसार, भोपाल में 300 से अधिक कोचिंग संस्थान चल रहे हैं जहां करीब ढाई लाख छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। फायर सुरक्षा में खामियां मिलने पर 40 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आते हैं वहां फायर सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही संबंधित संस्थानों को दोबारा संचालन की अनुमति दी जाएगी।

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