इंदौर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई सड़क की गुणवत्ता पर सोमवार को उस समय सवाल उठ गए जब शहर के गोराकुंड चौराहे के पास नई पानी की पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। चौराहे से करीब 20 मीटर दूर पाइपलाइन से तेज दबाव के साथ पानी जमीन से बाहर आया और कुछ ही देर में सड़क टूटकर नीचे बैठ गई। इससे मौके पर बड़ा गड्ढा बन गया। जिस सड़क के निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं उसका हिस्सा पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान ही क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

घटना उस समय हुई जब नई पानी की लाइन के अलग-अलग कनेक्शन जोड़ने के बाद सिस्टम की जांच की जा रही थी। पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी थी और सुभाष नगर पानी की टंकी से किए जाने वाले इंटरकनेक्शन के लिए टेस्टिंग चल रही थी। इसी दौरान जमीन के भीतर से अचानक पानी निकलना शुरू हुआ। पानी का दबाव बढ़ने के साथ सड़क का हिस्सा टूट गया और वहां गहरा गड्ढा बन गया।

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घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल टूटे हुए हिस्से को रिपेयर कर दिया गया है ताकि यातायात प्रभावित न हो और स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। इंदौर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि जिस हिस्से में सड़क क्षतिग्रस्त हुई है वहां सड़क का अंतिम काम अभी बाकी था। पानी के कनेक्शन से जुड़ा काम पूरा नहीं होने के कारण इस हिस्से को पूरी तरह तैयार नहीं किया गया था। सुभाष नगर की पानी की टंकी से कुछ इंटरकनेक्शन किए जाने थे और इन्हीं कनेक्शनों को जोड़ने के बाद पाइपलाइन की टेस्टिंग की जा रही थी।

आयुक्त के अनुसार, टेस्टिंग के दौरान सड़क के एक हिस्से में समस्या आई जिसे तत्काल ठीक करा दिया गया। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र में ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए सड़क का बाकी काम राखी के त्योहार के बाद किया जाएगा। इंटरकनेक्शन का काम पूरा होने के बाद सड़क को अंतिम रूप से तैयार किया जाएगा। घटना के बाद सड़क और पाइपलाइन से जुड़े काम की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अधिकारियों ने जांच की बात कही है। नगर निगम आयुक्त ने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी पड़ताल की जाएगी और जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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स्मार्ट सिटी टीम का भी कहना है कि गोराकुंड चौराहे के पास जिस हिस्से में सड़क धंसी वहां निर्माण कार्य अभी अंतिम चरण में था। पाइपलाइन के इंटरकनेक्शन और टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद ही सड़क को पूरी तरह तैयार किया जाना था। हालांकि, करोड़ों रुपए की लागत से विकसित सड़क का पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान क्षतिग्रस्त होना अब निर्माण और काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।