उज्जैन। उज्जैन के छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा के निधन को एक हफ्ते हो हैं। परिजन इस बात को लेकर चिंतित हैं कि मौत की सूचना को हफ्तेभर बाद भी शव लाने को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। सीएम मोहन यादव ने चार दिन पहले परिवार को शव लाने के लिए हर संभव मदद देने का वादा किया था। लेकिन शायद सीएम भी अपना वादा भूल गए हैं। ऐसे में अब गुरकीरत के परिजनों ने पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई है।
गुरकीरत की 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में पिटाई के बाद कार चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। चार दिन पहले छात्र के उज्जैन स्थित घर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार को शव लाने के लिए हर संभव मदद देने का वादा किया था। परिजन का कहना है कि कनाडा सरकार बॉडी देने के लिए करीब 40 हजार डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) जमा कराने को कह रही है। इतना ही नहीं, जांच प्रक्रिया के कारण अस्पताल से बॉडी 15 दिन बाद ही दी जाएगी।
परिजनों ने बताया कि शव को कनाडा से उज्जैन लाने में करीब 10 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा, जो वहन करना परिवार के बस में नहीं है। बता दें कि गुरकीरत कनाडा के नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। उनका परिवार उज्जैन में देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी में रहता है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने परिवार को आश्वत किया कि सरकार की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गुरकीरत मनोचा को छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिजनों से असामयिक दु:खद मृत्यु पर शोक संवेदना व्यक्त की थी। तब उन्होंने कहा था कि भारत सरकार कनाडा सरकार के संपर्क में है। यहां से वहां जाने की बात हो, अंतिम संस्कार की बात हो, परिवार को आश्वस्त किया जाता है कि जो भी खर्च होगा, उसे सरकार वहन करेगी।