भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के एक 25 साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। दिल्ली की विशेष MP/MLA कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें तीन साल की सजा सुनाई है। इसी के साथ अब उनकी विधायकी पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई और जमानत दे दी। उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना गया है। कोर्ट ने दो धाराओं में 3-3 साल और एक धारा में 2 साल की सजा सुनाई है। इससे उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। वकीलों के अनुसार अपील के लिए उन्हें 60 दिन मिलेंगे। इस बीच अगर हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन (स्टे) मिल जाता है, तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है। फिलहाल उनकी सदस्यता पर संकट बना हुआ है।
दरअसल यह पूरा मामला साल 1998 का है। श्याम सुंदर संस्थान की अध्यक्ष सावित्री श्याम (राजेंद्र भारती की मां) ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रु. की एफडी की थी। साल 1998 से 2001 के बीच राजेंद्र भारती उसी बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे। वे श्याम सुंदर संस्थान के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य भी थे। आरोप है कि भारती ने बैंक के लिपिक रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के रिकॉर्ड में कूटरचना कर एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद सालाना 13.5% की दर से ब्याज के 1,35,000 रुपए साल 1999 से 2011 के बीच निकाले गए।
विधायक के दोषी करार दिए जाने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तीन साल की सजा के चलते उनकी विधायकी पर संकट है। सीट खाली होने पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। साथ ही आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर भी कांग्रेस की गणित खराब हो सकती है। ऐसे में पार्टी के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके पहले विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य करार दिया गया था। हालांकि, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली। लेकिन वह राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं दे सकेंगे।