देश में मानसून इस बार तय समय से पहले दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून के 26 मई तक केरल पहुंचने की संभावना है। जबकि, सामान्य तौर पर इसकी शुरुआत 1 जून के आसपास मानी जाती है। पिछले साल भी मानसून ने जल्दी एंट्री करते हुए 24 मई को केरल में दस्तक दी थी। मानसून की संभावित समय से पहले शुरुआत ऐसे वक्त में हो रही है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी और हीटवेव से जूझ रहे हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून केरल पहुंचने के बाद धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा और अलग-अलग राज्यों को कवर करेगा। हालांकि, इस बार बारिश को लेकर मिले जुले संकेत सामने आए हैं। निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने अनुमान जताया है कि 2026 के मानसून सीजन में देशभर में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। एजेंसी के मुताबिक, जून से सितंबर तक कुल वर्षा लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 94 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यानी बारिश सामान्य स्तर से लगभग 6 प्रतिशत कम रह सकती है।

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स्काईमेट के अनुमान के अनुसार, जून में सामान्य से बेहतर बारिश होने की संभावना है लेकिन जुलाई से मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ सकती है। अगस्त और सितंबर में बारिश की कमी अधिक देखने को मिल सकती है। खासतौर पर मध्य और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में कम वर्षा के संकेत हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में अगस्त और सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई गई है।

मौसम एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, जून में एलपीए के मुकाबले 101 प्रतिशत बारिश हो सकती है। जुलाई में यह आंकड़ा 95 प्रतिशत, अगस्त में 92 प्रतिशत और सितंबर में 89 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून का लॉन्ग पीरियड एवरेज 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर 87 सेंटीमीटर यानी 870 मिलीमीटर तय किया गया है। इसी मानक के आधार पर यह आकलन किया जाता है कि किसी साल मानसून सामान्य, कमजोर या सामान्य से अधिक रहेगा।

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हालांकि, पिछले साल मानसून का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा था। IMD ने 30 सितंबर 2025 को जारी अपने आंकड़ों में बताया था कि देशभर में औसत से 8 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। पूरे सीजन में 937.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी। IMD प्रमुख मृत्युंजय मोहपात्रा ने इसे बेहद सफल मानसून सीजन बताया था।

दूसरी ओर मानसून की आहट से पहले देश के कई हिस्से तेज गर्मी और मौसम की मार झेल रहे हैं। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। महाराष्ट्र का अकोला गुरुवार को 45.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा था। जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी पारा 45 डिग्री के ऊपर दर्ज किया गया था।

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राजस्थान में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिला है। फलोदी में 45.2 डिग्री, जैसलमेर और बाड़मेर में 45.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री और जोधपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंच गया था। हालांकि, जयपुर, बीकानेर और नागौर में शाम के समय हुई बारिश से लोगों को कुछ राहत मिली।