सारंगपुर। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा सोमवार को अपने सातवें दिन शाजापुर से आगे बढ़ते हुए सारंगपुर पहुंची। यात्रा के सारंगपुर नगर में प्रवेश करने पर स्थानीय नागरिकों, सनातन धर्म प्रेमियों और समर्थकों ने जगह-जगह भव्य स्वागत किया। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच लोगों ने दिग्विजय सिंह एवं यात्रा में शामिल साधु-संतों और अन्य सहभागियों का अभिनंदन किया। यात्रा को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इसमें सहभागिता की।
यात्रा सुबह शाजापुर के एबी रोड स्थित वाटर पार्क से प्रारंभ हुई। दिग्विजय सिंह साधु-संतों और अन्य यात्रियों के साथ पैदल चलते हुए उकावता बल्डी और कशिश रेस्टोरेंट होते हुए सारंगपुर पहुंचे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों ने स्वागत कर अपना समर्थन व्यक्त किया। यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म के मूल आदर्शों, धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता और लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया जा रहा है।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का प्रमुख उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर दान, चढ़ावे और मंदिरों की संपत्तियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। यात्रा के माध्यम से राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के हिसाब और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई जा रही है। इसके साथ ही मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
युवा कांग्रेस ने भी किया यात्रा का समर्थन
इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस ने भी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को समर्थन देते हुए युवाओं से इसमें शामिल होने की अपील की है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं मध्य प्रदेश प्रभारी शिवी चौहान स्वयं यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह की यह निजी यात्रा है, लेकिन वे देश और संविधान को बचाने के लिए निकले हैं। उन्होंने युवाओं से चंदा चोरी और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने तथा यात्रा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से प्रारंभ हुई यह यात्रा ओरछा स्थित श्री रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। लगभग 930 किलोमीटर की इस यात्रा के माध्यम से सत्य, न्याय, सद्भाव, सनातन परंपराओं के सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।