मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क के एक चीते पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में चीता गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसका इलाज जारी है। कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर एवं आईएफएस अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने चीते की मौत की खबरों को खारिज करते हुए बताया कि हमला बमोरी गांव में नहीं बल्कि मुरैना जिले के किसी अन्य स्थान पर हुआ था।
घटना के बाद चीतों की निगरानी और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले की जानकारी सोमवार को सामने आई। उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि रविवार को मुरैना जिले में चीते पर हमला हुआ था। हालांकि, उन्होंने घटनास्थल का सटीक नाम नहीं बताया। फिलहाल घायल चीते का उपचार किया जा रहा है। उसकी मौत होने की पुष्टि अधिकारियों ने नहीं की है।
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इसी दौरान कूनो नेशनल पार्क के बमोरी गांव में रविवार सुबह करीब 5 बजे दो चीतों के एक मकान में घुसने की घटना भी सामने आई थी। दोनों चीते घर के आंगन में बंधे गाय के दो बछड़ों पर हमला कर उन्हें मार चुके थे। बछड़ों के चिल्लाने की आवाज सुनकर टपरी में खटिया पर सो रहे सोमलावीर सिंह और उनकी पत्नी की नींद खुल गई। दंपती ने सामने चीतों को देखा तो कुछ देर तक चुपचाप लेटे रहे।
इसके बाद मौका मिलते ही वहां से भागकर अपनी जान बचाई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के बाद ग्रामीण इकट्ठा हुए और चीतों को जंगल की ओर खदेड़ दिया। हालांकि, बमोरी गांव में बछड़ों के शिकार और मुरैना जिले में चीते पर हुए हमले के बीच कोई सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, चीते पर हमले की जगह बमोरी नहीं बल्कि जिले का कोई दूसरा इलाका था।
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताया है। उनका कहना है कि कूनो के चीतों की ट्रैकिंग की जाती है और निगरानी दल उनके पीछे रहता है। इसके बावजूद किसी चीते पर ग्रामीणों का हमला होना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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दुबे के अनुसार, चीते एक जगह सीमित नहीं रहते और जंगल से बाहर निकलकर दूसरे क्षेत्रों में भी पहुंच सकते हैं। कूनो के कई चीते राजस्थान तक जा चुके हैं। जबकि, कुछ राजगढ़ तक पहुंचे हैं। ऐसे में चीतों की लगातार निगरानी के साथ मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था जरूरी है। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में कुल 53 चीते हैं। इनमें से 15 खुले जंगल में घूम रहे हैं। चीतों का जंगल से बाहर निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचना वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसी घटनाओं में वन्यजीवों के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है। फिलहाल घायल चीते के स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।