भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में अब तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन मिलेगी। कैबिनेट के इस फैसले से तीन लाख से अधिक कर्मचारियों के परिजनों को पेंशन योजना के प्रावधान में किए गए बदलाव का फायदा मिलेगा।
मोहन कैबिनेट ने नेशनल पेंशन स्कीम में यह सुविधा दी है कि परिवार पेंशन के अंतर्गत अब तलाकशुदा बेटी भी पेंशन की हकदार होगी। अब तक यह व्यवस्था एमपी के कर्मचारियों के लिए लागू नहीं थी। 2005 के पहले नियुक्त कर्मचारियों के परिवारजनों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा था, लेकिन 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के परिजन इससे वंचित थे।
मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान का संदाय) नियम 2026 का अनुमोदन किया है। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नियम के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
बताया गया कि पेंशन पा रहे कर्मचारी की मृत्यु की दशा में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। इसमें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और ई-सेवा पुस्तिका संबंधी प्रावधान किया गया है। साथ ही केन्द्र तथा मध्यप्रदेश शासन की पूर्व सेवाओं को जोड़ा जाएगा। निलंबन अवधि में अभिदाता तथा नियोक्ता के अंशदान का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत अंशदान की दर, गणना एवं विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व निर्धारण के साथ सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र एवं मृत्यु की दशा में निकास प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट द्वारा वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपए, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रुपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रुपए, आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपए के साथ ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल को शुल्क की प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति जनजाति के अभ्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कक्षा-9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522 करोड़ 8 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।