दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान सोमवार रात तकनीकी खराबी के कारण निर्धारित मार्ग से भटक गई और कुछ समय के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई। स्थिति का पता चलने पर पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक कंट्रोल एजेंसी ने विमान को चेतावनी दी। जिसके बाद पायलट ने तुरंत विमान का रुख बदला और उसे भारतीय हवाई क्षेत्र में वापस ले आया। हालांकि, अमृतसर पहुंचने तक एयरपोर्ट पर हवाई यातायात बढ़ चुका था। जिसके चलते विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी और उसे वापस दिल्ली भेज दिया गया। बाद में विमान ने दोबारा उड़ान भरकर अमृतसर में सुरक्षित लैंडिंग की।

जानकारी के अनुसार, एयरबस AI-321 ने सोमवार रात 9:18 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी। विमान अपने निर्धारित समय से तीन मिनट की देरी से रवाना हुआ था और उसे रात 10:30 बजे अमृतसर पहुंचना था। उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या आने के कारण विमान निर्धारित रूट से विचलित हो गया। इसी दौरान वह पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंच गया। बताया जा रहा है कि पायलट को स्थिति की गंभीरता का एहसास तब हुआ जब पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी की ओर से लगातार चेतावनी संदेश मिलने लगे।

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चेतावनी मिलने के बाद विमान को तत्काल वापस मोड़ा गया और वह भारतीय हवाई क्षेत्र में लौट आया। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग गया। जब तक विमान अमृतसर के करीब पहुंचा तब तक एयरपोर्ट पर उड़ानों का दबाव बढ़ चुका था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल लैंडिंग की अनुमति देने में असमर्थता जताई और विमान को दिल्ली लौटने के निर्देश दिए।

विमान बाद में सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचा। वहां उसकी जांच की गई। करीब दो घंटे बाद आवश्यक अनुमति मिलने पर विमान ने फिर से अमृतसर के लिए उड़ान भरी। अंततः सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 2:20 बजे विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। इस पूरी प्रक्रिया के चलते यात्रियों को लगभग चार घंटे की देरी का सामना करना पड़ा था।

अमृतसर एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विमान की लैंडिंग से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल अंतिम मंजूरी देता है। कई बार रनवे की उपलब्धता, मौसम या हवाई यातायात की स्थिति को देखते हुए विमानों को हवा में प्रतीक्षा करनी पड़ती है। संबंधित मामले में भी एयरपोर्ट पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण विमान को तुरंत उतरने की अनुमति नहीं दी जा सकी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि विमान के मार्ग से भटकने के पीछे तकनीकी कारणों की जानकारी मिली है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

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एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार घटना के दौरान किसी प्रकार की आपात स्थिति या सुरक्षा संबंधी संकट पैदा नहीं हुआ था। हालांकि, यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा लेकिन विमान की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की गई और किसी बड़े विवाद या हंगामे की सूचना नहीं मिली।

गौरतलब है कि हाल के सालों में भारत और पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से जुड़े कुछ असामान्य घटनाक्रम सामने आए हैं। 12 जून को पाकिस्तान की यात्री उड़ान फ्लाई जिन्ना-9P514 भी खराब मौसम के कारण कुछ समय के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गई थी। बाद में उसे सुरक्षित रूप से वापस पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में ले जाया गया था।

वहीं, पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में पिछले कुछ समय में कई विमानन घटनाएं भी सामने आई हैं। मई 2026 में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो की एक फ्लाइट में लैंडिंग के बाद एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट होने से केबिन में धुआं भर गया था। इससे पहले मई 2025 में पंजाब के बठिंडा जिले में एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जबकि, जून 2025 में तकनीकी खराबी के कारण भारतीय वायु सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर की पठानकोट के पास एहतियातन लैंडिंग करानी पड़ी थी।

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