छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ क्षेत्र स्थित खमरा के किशनपुर गांव में कुएं के पानी के इस्तेमाल के बाद दर्जनों ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई। पानी पीने और उससे स्नान करने के कुछ ही समय बाद करीब 25 से 30 लोगों में खुजली, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया और प्रभावित ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाने के लिए कई एंबुलेंस मौके पर भेजी गई।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह गांव के लोगों ने रोजमर्रा की तरह कुएं से पानी निकालकर घरेलू उपयोग में लिया। कुछ ग्रामीणों ने उसी पानी का सेवन किया जबकि कई लोगों ने उससे स्नान किया। इसके कुछ देर बाद लोगों को पानी से असामान्य दुर्गंध आने का एहसास हुआ। वहीं, कई ग्रामीणों के हाथ और पैरों में खुजली, त्वचा पर एलर्जी और अन्य परेशानियां दिखाई देने लगी। जिसकी वजह से गांव में चिंता का माहौल बन गया।

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शिकायतें बढ़ने पर ग्रामीणों ने दोबारा कुएं के पानी की जांच की। इस दौरान पानी में झाग बनता दिखाई दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और प्रशासन की टीम गांव पहुंच गई।

जांच के दौरान स्थिति और गंभीर तब हो गई जब संबंधित कुएं से एक बाल्टी के जरिए जहरीले पदार्थ का पाउच बरामद हुआ। इसके अलावा कुएं में एक मृत मछली भी पाई गई। जिसकी वजह से पानी के दूषित होने की आशंका और बढ़ गई। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि किसी जहरीले पदार्थ के कारण पानी प्रभावित हुआ हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

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मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कुएं के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। एसडीएम सहित पीएचई विभाग की एसडीओ सीता मरकाम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कराई। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि पानी में संदूषण कैसे हुआ और ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या है।

एहतियात के तौर पर प्रशासन ने प्रभावित लोगों की चिकित्सकीय जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से ग्रामीणों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। हालांकि, कई ग्रामीण खुद को स्वस्थ बताते हुए अस्पताल जाने से बच रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण कराने और चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए समझाइश दे रहा है। फिलहाल ग्रामीणों को संबंधित कुएं का पानी उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी में किस प्रकार का पदार्थ मिला था और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर कितना प्रभाव पड़ा है।

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