भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसल इतने बुलंद हो गए हैं कि अब आईपीएस अफसरों को भी अपनी जान का डर सता रहा है। राजधानी में निवासरत एक ADG रैंक के अफसर को पुलिस आयुक्त से सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ रही है। मध्य प्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह ने खुद की जान को खतरा बताया है। उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ADG (ट्रेनिंग) के साथ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की और धमकाया है। यह युवक ADG के त्रिलंगा स्थित घर के बाहर कार से पहुंचे थे। एक युवक के हाथ में डंडा भी था, जो पूरी घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई। एडीजी ने शाहपुरा थाने को सूचना देने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी दिए है।
बताया जा रहा है कि यह घटना 17 मार्च की सुबह करीब 6 बजे की है। भोपाल के त्रिलंगा इलाके में स्थित एडीजी राजाबाबू सिंह के सरकारी आवास के बाहर एक चार पहिया वाहन आकर रुका। कार से दो युवक उतरे। इनमें से एक युवक के हाथ में डंडा था। बताया जा रहा है कि युवक घर के बाहर तैनात कर्मचारियों से गाली-गलौज करने लगे और अमर्यादित व्यवहार किया।
घर के कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कुछ देर बाद वे वहां से चले गए। हालांकि इस दौरान उनकी पूरी गतिविधि घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। घटना के बाद एडीजी राजाबाबू सिंह ने तुरंत शाहपुरा थाना पुलिस को सूचना दी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दिया है।
इसके अलावा उन्होंने भोपाल पुलिस कमिश्नर और पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर इस घटना की जानकारी दी है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। एडीजी राजाबाबू सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि, यह घटना बेहद गंभीर है और इससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने आशंका जताई है कि, पुलिस प्रशिक्षण प्रणाली में किए जा रहे कुछ नए बदलावों और नवाचारों से कुछ लोग नाराज हो सकते हैं। उनका मानना है कि, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात युवकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी कौन थे और उनका मकसद क्या था। बता दें कि राजा बाबू सिंह मध्य प्रदेश कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी हैं। साल 1993 में यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की और 6 सितंबर 1994 को उनकी आईपीएस (IPS) में नियुक्ति हुई। वह हाल ही में बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) से डेपुटेशन पूरा कर मध्य प्रदेश वापस लौटकर ADG (ट्रेनिंग) बने हैं।