सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में नकली और जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक करीब 28 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि प्रशासन ने अब तक सिर्फ 15 मौतों की ही पुष्टि की है। 28 लोगों के असामयिक निधन के बाद राज्य सरकार इस मामले पर सजग हुई है। सीएम मोहन यादव ने मामले में न्यायिक जांच के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को घटनाक्रम की समीक्षा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपियों की तलाश में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ उत्तर प्रदेश में भी पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है।

पुलिस अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें आरोपियों के अवैध कब्जों और ठिकानों को चिह्नित कर रही हैं। इनकी जांच के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी है। पुलिस ने कई ठिकानों से अवैध शराब भी जब्त की है।

मामले को लेकर राज्य सरकार की चौतरफा आलोचना के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव करते हुए सागर संभाग में नए आयुक्त और नए आईजी की नियुक्ति की है। दिलीप कुमार ने सागर संभाग आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल ली है। वहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर संभाग का नया आईजी नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होगी।