भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो चुकी है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले की न्यायिक जांच करने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने मांग की है। उन्होंने इस संबंध में सीएम मोहन यादव को पत्र भी लिखा है।
कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर दिया है। जिन घरों में कल तक जीवन था, आज वहां मातम है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने कहा कि सागर में सामने आए घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जब अवैध शराब के कारोबार की सूचनाएं और शिकायतें मौजूद थीं, तब समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मौतों के बाद कार्रवाई करने वाला तंत्र मौतों से पहले कहां था।
जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव से मांग की है कि प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर अमित राठौर और आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। एसी केबिनों में बैठकर कागजी नीतियां बनाने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। जमीन पर मॉनिटरिंग और प्रभावी सुपरविजन किसकी जिम्मेदारी थी? सरकार को इसका स्पष्ट जवाब देना होगा।
जीतू पटवारी ने ललितपुर से सागर तक शराब के पहुंचने का जिक्र करते हुए कहा है कि सागर का नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित है या इसके तार अंतरराज्यीय अवैध शराब कारोबार से जुड़े हैं, इसकी भी तह तक जाना होगा। यदि ललितपुर से सागर तक नकली शराब पहुंची, तो मध्य प्रदेश की सीमा के भीतर उसे रोकने वाला तंत्र क्या कर रहा था।
पटवारी ने कहा कि सागर के इस कांड में स्थानीय भाजपा नेताओं की कथित भूमिका और शराब के कारोबार से उनके संबंधों को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी भाजपा नेता या उससे जुड़े व्यक्ति की भूमिका पाई जाती है तो राजनीतिक संरक्षण के नाम पर उसे बचाया नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। मृतकों की प्रमाणित सूची सार्वजनिक की जाए, सभी पीड़ितों को बेहतर उपचार और उचित आर्थिक सहायता दी जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध केवल तबादला या निलंबन नहीं बल्कि आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।